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________________ mailAGRANसम्मman EPA तीर्थंकरों का गर्भावतरण - गर्भ कल्याणक ३ कहां के पथकर तीर्थकर हुए, तीर्थकर की जन्मभूमि मर्मावरण की तिथि इत्यादि क्रमांक वहाँ के गुरु का नाम स्वर्गादिकों के नाम | | वहाँ कौन देशकागाम जन्मपुरी (नगर या पट्टन) । वंश का नाम | जनक (पिता) | जननी (भाता) . १ वयसेन अहमिन्द्र सर्वार्थ सिद्धि वि. वैजयन्त वि. २ मरिन्दम सपरिमहिहिम . जयन्त वि. ३ स्वयंप्रम ४ विमलवाहन ५ सीमंबर ६ पिहिताशय ऊर्ध्व प्रैवेशक वैजयन्त दि. कौशल अयोध्या (साकेतपुर) इक्ष्वाकुयश नाभिराज मरुदेवी विजयादेवी श्रावस्ति (श्रावन्ति) दराज (जितारि) सुषेणादेवी अयोध्या (साकेतपुर) , संवर (रूपयंवर) सिद्धार्था विनितापुर मेधरथ (मेवप्रभ) सुमंगला कौशाम्बीपुर धारणा राजा सुसीमा वाशीदेश वाराणसी (काशी) उग्रवंश सुप्रतिष्ठ पृथिवी कौशश चन्द्रपुरी महासेन (महश्रेणी) लक्ष्मणा (सूलशरण) . काकन्दीपुरी सुपीवराजा जयरामा (रामा) मानवदेश मंद्रिलापुर दरय राजा सुनन्दा देवी ० परिन्दम (मरहनंदन) मध्य प्रदेयक ८ युगंधर (श्रीधर) वैजयन्त वि. [ मो. प्र. चिन्तामणि ६ सर्वजनानंद (मूर्तिहित) अपराजित वि. . १० अभयानंद (आनंद) पारण स्वर्ग इन्द्र
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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