________________
अध्याय : पाठवा ]
samad
७. नलिनप्रभ
एक पल्म का १/१० बच्चों के मुखावलोकन का भय पारोड़ या भाग प्रमाण दूर किया !
८. नलिनराज
एक पत्य का १/१०० बालकों की नामकरण विधि करोड वा सम प्रमाण बतला दी।
१. नलिनभनव
१०. नलिनपुगव
एक यस्य का११००० शिशुरादन-निवारण हेतु करोड़ था माग प्रमाण बालकों के साम चन्द्र दर्शनावि
कीड़ा बताई।
३. चौदहवें कुलकर राजानाभिराज और रानी मरदेवी का विवाह इन्द्र ने किया है । इस प्रकार महापुराण पर्व २२ में लिखा है।
११. पद्म
एक पल्य का १/१० बालक और माता-पिता का हजार करोड़दा परस्पर नाता उनको समभाकर माग प्रमाण कह दिया।
१२. पयप्रभ
एक पल्य का १/१ नदी समुद्रादि लागयों के 'हा माधिक' तुमने १३. पद्यराज लाख करोंड बा तरणोपारस्पनाक, जहाजादिदुरा काम किया।
ऐसा काम मत करो। भार प्रभाए लाने की रीति बतला दी। तमको धिक्कार है। १४. पप्रध्वज
इस बच्चन से म्यारह एक पल्य का १/१० जन्म समय के जरायु के से लेकर चौदहवें लाख करोड़ निकालने का उपाय बेतला कुलकर और पंद्रहवे १ गय भाग प्रमाण दिधा मा।
'मनु' कहलाने पाते वृषक्षदेव अपनी प्रजा
को दण्ड देने रहे। १६. मड़ापन एक करोड़ पूर्व काल जन्म समय की नाभि के नाल प्रभार को काटने का उपाय पतला
शत्रिय आदि कुल दिया । इनके समय कर्म
का प्राचार और
अग्नि से अनादिक भूमि का प्रारंभ हुआ।
पक्वान्नों का विधान वताना इत्यादि कार्य अगायों को बता देना उनका कर्तव्य