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श्री
ऋथाक्रमः
दानादि कुलक संग्रहः
॥२॥
प्रकाशिका-श्री हर्षपुष्पामृत जैन ग्रंथमाला (लाखाबावल)
Co. श्रुतज्ञान भवन, ४५ दिग्विजय प्लोट-जामनगर (गुजरात) वीर सं. २५२१ : विकावं. २०५१ : सन १९९५ : प्रथमावृत्तिः प्रतयः ७५०
-: आभार दर्शन :अमारी ग्रन्थमाला तरफथी प्राचीन साहित्य प्रकाशन योजनामा टीका सहित श्रीदानादिकुलक संग्रह ग्रन्थांक ३०६ प्रकाशित करता आनंद अनुभवीए छीए. आ ग्रन्थ- संपादन पू. आ. श्रीबिजयजिनेन्द्रसूरीश्वरजी म. करेल छे.
आ ग्रन्थ परमपूज्य व्या. वा. तपागच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय रामचन्द्रसूरीश्वरजी म. ना वरद हस्ते अद्भुत दीक्षामहोत्सवपूर्वक दीक्षा थइ हती तथा जेओ पूज्यपादश्रीजीना अंतिम शिष्य बन्या हता ते श्री अतुलकुमार दलपतभाई शाहनी दीक्षा प्रसंगे बनेला श्री अतुलकुमार दलपतभाई शाह दीक्षा महोत्सव धार्मिक दृस्ट-अमदावाद द्वारा प्रकाशित थाय छे ते माटे आ ट्रस्ट अने ते ट्रस्टना ट्रस्टी मंडलनो आभार मानीए छोए अने आ रीते सहकार आपता रहे तेवी अभिलाषा राखीए छीए. ता. १-७-९५
महेता मगनलाल चत्रभुज जामनगर
व्यव. श्री हर्षपुष्पामृत जैन ग्रंथमाला
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