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________________ संग्रह ] सीता चरित्र मानबावनी अनुप्रेक्षा श्रतों के पालन में दिन सामान्य । वेष्टन नं० २६६० । विशेष - पूजा व स्तोत्रों का संग्रह है। २५६६ गुटका नं० २६४ | पत्र सं० ४३७ | साइज - ६४६ इश्च । लेखनकाल | पूर्ण एवं शुद्ध दशा कमतिक्रमण सामायिक पाठ विविध भक्ति स्वयम्भू स्तोत्र तत्रार्थसूत्र पंचस्तोत्र सिद्धप्रिय स्तोत्र पार्श्वनाथस्तीत्र सुप्रभातिक स्तीच यतिभावनाष्टक ब्राह्मण के लक्ष्य पंचनमस्कारस्तोत्र श्रनुपेक्षा सानांकुश इष्टोपदेश जिनरतवन भावनाचतुवैिशतिका २५७० गुटका नं० २६५ | पत्र ० ३५६ | साइज - १४९ इच । लेखनकाल x । पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध । दशा - पूर्ण रूप से जीर्णं । वेष्टन नं० २६६१ 1 विषय-सूची कर्ता का नाम ज्ञानसार चारित्रसार सर्वशासनद्वात्रिंशतिका नीतिसार समन्तभद्राचार्यं देवनंदि पद्मप्रभदेव पंकज नंदि पूज्यपाद प्राकृत हिन्दी पद्मनंदि प्राकृत हिन्दी मदनकीर्त्ति माघनंदि भाषा संस्कृत 23 प्राकृत—संस्कृत संस्कृत ע " $3 3 33 "3 39 " प्राकृत संस्कृत 35 11 33 प्राकृत ३८३ 33 संस्कृत גן विशेष
SR No.090393
Book TitleRajasthan ke Jain Shastra Bhandaronki Granth Soochi Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKasturchand Kasliwal
PublisherPrabandh Karini Committee Jaipur
Publication Year
Total Pages446
LanguageHindi
ClassificationCatalogue, Literature, Biography, & Catalogue
File Size11 MB
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