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________________ [ संग्रह विशेष , हिन्दी त्रिभुवननीविनती गंगदास हिन्दी इनमतरास अझ ज्ञानसागर रचनाकाल २६३. ज्येष्ठजिनवररास ब्रह्म जिनदास पूजामंडूककथा २५६१ गुटका नं० २५६ । पत्र सं० २६२ । साइज--X६ इञ्च । लेखनकाल-सं० १६२२ यासोज बुदी ८ पुर्य एवं सामान्य शुद्ध । दशा-जीर्थ । वेष्टन नं० २६५३ । . विशेष-गुटका-जीर्णावस्था में है। अनेक पाठों का संग्रह है। लेकिन कोई विशेष उल्लेखनीय सामग्री नहीं है। २५६२ गुटका नं०२५७ । पत्र सं० २१४ । साइन-४३४३ इञ्च । लेखनकाल x { पूर्ण एवं शुद्ध । देशा-सामान्य । ग्रेटन नं. २४५४! विषय-सूची कर्चा का नाम भाषा गोरखनाथजी के सबद गोरखनाथ चटजी के सबद चर्पटनाय भरथरी के सबद मनु हरि जलंधीपावजी की सबद टालीपावजी की सबद मोडकीपावजी की सबद सती कगोरीजी के सबद जतीहणवंत की सबदी नागाजुन के सबद महादेवजी के सबद पार्वतीजी के सबद चौरंगीनाथजी के सबद चुणकरनाथजी के सबद सिद्ध गरीबनाथजी के सबद सिद्ध हरितालजी के सत्रद सिद्धघोड़ा चोलीजो के सबद सिद्ध धूधलमलजी के सनद अजयपालजी के सबद श्रीदत्तजी की सबद देवलनाथजी के सबद चन्द्रनायजी के सनद । । । । । । । । । । । । । । । । । ।
SR No.090393
Book TitleRajasthan ke Jain Shastra Bhandaronki Granth Soochi Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKasturchand Kasliwal
PublisherPrabandh Karini Committee Jaipur
Publication Year
Total Pages446
LanguageHindi
ClassificationCatalogue, Literature, Biography, & Catalogue
File Size11 MB
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