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________________ प्राकृत-व्याकरण की सूत्रानुसार--विषयानुक्रमणिका . 0000000000 प्रथम पादः. क्रमांक विषय सूत्रांक पृष्ठांक १०से १४ २३ से २७ से ३० ३१ से ३६ प्राकृत-शब्द-आधार और स्वर व्यञ्जनादि विकल्प-सिद्ध सर्व शब्द संग्रह ३ आर्ष-रूप-संग्रह स्वरों की दोध-हस्व-व्यस्था स्वर-संधि स्वर अथषा व्यञ्जन की लोप-विधि शब्दान्त्य-व्यञ्जन के स्थान पर आदेश-विधि अनुस्वार-विधि अनुस्वार-लोप-विधि शब्द-लिंग-विधाम ११ विसर्ग स्थानीय "ओ" विधान १२ "निर और प्रति" उपसर्गों के लिये उपविधान श्रव्यथों में लोप विधि हस्व-स्वर से दीर्घ स्वर का विधान ___ "अ" स्वर के स्थान पर क्रम से "इ-श्रइ-ई-तु-ए-ो-उ श्रा-प्राइ-" प्राप्ति का विविध रूप से संविधाम "अ" स्वर का वैकल्पिक रूप से लोप-विधान _ "धा" स्वर के स्थान पर क्रम से "अ-इ-ई-3--ए-" और ओ-यो" प्राप्ति का विविध रूप से संविधान १८ दीर्घ स्वर के स्थान पर हस्व स्वर की प्राप्ति का विवान ___ "इ" स्वर के स्थान पर क्रम से "ए-अ-ई-इ--" और प्रो"." प्राप्ति का विविध रूप से संविधान मासे १७
SR No.090366
Book TitlePrakrit Vyakaranam Part 1
Original Sutra AuthorHemchandracharya
AuthorRatanlal Sanghvi
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages610
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari & Grammar
File Size17 MB
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