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________________ उत्तर : जम्बूद्वीप में १ सुदर्शन मेरू, ६ कुलाचल, ४ यमकगिरि, २०० कांचन पर्वत, ८ दिग्गज पर्वत, १६ वक्षार पर्वत, ४ गजदन्त, ३४ विजयाई पर्वत, ३४ वृषभाचल और ४ नाभिगिरि। इस प्रकार कुल ३०१ पर्वत हैं , E C कुल नदियाँ हैं एवं २६ सरोवर हैं। २१६. प्रश्न : वक्षार पर्वत कितने और कहाँ-कहाँ पर हैं। उत्तर : जम्बूद्वीप में एक मेरु संबंधी १६ वक्षार पर्वत हैं। मेरु पर्वत के पूर्व-पश्चिम भागों में पूर्व-विदेह और अपर-विदेह है। पूर्व विदेह के मध्य में सीता नदी और अपर विदेह के मध्य में सीतोदा नदी बहती है। इन नदियों के दक्षिण-उत्तर तटों के द्वारा चार क्षेत्र बन गये हैं। इन्हीं एक-एक क्षेत्र में आठ-आठ विदेह देश हैं। एक-एक क्षेत्र में चार-चार वक्षार पर्वत एवं तीन-तीन विभंगा नदियों के द्वारा आठ-आठ विभाग बने हैं। २१७. प्रश्न : मानुषोत्तर पर्वत कहाँ पर है एवं उसका स्वरूप कैसा है ? उत्तर : पुष्कर द्वीप के मध्य में स्वर्ण सदृश वर्ण वाला मानुषोत्तर पर्वत है। उस मानुषोत्तर पर्वत पर नऋत्य और वायव्य इन दो दिशाओं को छोड़कर अवशेष छह दिशाओं में पंक्तिस्वरूप तीन-तीन कूट है तथा उन कूटों के अभ्यन्तर अर्थात् मनुष्य लोक की ओर (१२१)
SR No.090247
Book TitleKarananuyoga Part 3
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages147
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Agam, Canon, H000, H015, & agam_related_other_literature
File Size2 MB
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