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________________ १६३. प्रश्न: वर्ग किसे कहते हैं ? उत्तर : किसी संख्या को लेकर उसी संख्या का परस्पर गुणां करने को वर्ग कहते हैं। जैसे २x२= ४ इसे कृति भी कहते हैं । । १६४. प्रश्न: घन किसे कहते हैं ? उत्तर : किसी संख्या को तीन बार रखकर परस्पर गुणा करने को धन कहते हैं। जैसे :- २४२४२ = ६ १६५. प्रश्न: जगत्प्रतर किसे कहते हैं ? उत्तर : जगत् श्रेणी के वर्ग को जगत्प्रतर कहते हैं । यथा-जगत् श्रेणी+जगत्श्रेणी-जंगत्प्रतर १६६. प्रश्न: राजू किसे कहते हैं ? उत्तर : जगत् श्रेणी के सातवें भाग को राजू कहते हैं । यथा - जगत् श्रेणी / ७ = राजू । १६७ प्रश्न: संख्याप्रमाण के कितने भेद हैं ? उत्तर : संख्यात्, असंख्यात् और अनन्त के भेद से संख्याप्रमाण तीन प्रकार का है। संख्यात् एक ही प्रकार का है, किन्तु परीतासंख्यात्, युक्तासंख्यात्, असंख्यातासंख्यात् के भेद से असंख्यात् तीन प्रकार का है तथा परीतानन्त, युक्तानन्त, अनन्तानन्त के (६६)
SR No.090247
Book TitleKarananuyoga Part 3
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages147
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Agam, Canon, H000, H015, & agam_related_other_literature
File Size2 MB
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