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________________ १६६. प्रश्न : नील लेश्या वाले जीव के क्या लक्षण है ? उत्तर : जो काम करने में मन्द हो, बुद्धिहीन हो, विवेकरहित हो, ठगने वाला हो और धन-धान्य में तीव्र आसक्ति रखता हो, वह नील लेश्यावाला जीव है। २००० नन: कापोल लेश्या वाले जीय के क्या लक्षण है ? उत्तर : जो दूसरों पर क्रोध करता हो, दूसरों की निन्दा करता हो, बहुत शोक तथा भय करने वाला हो, दूसरों से ईर्ष्या करता हो, अपनी बहुत प्रशंसा करता हो, अपने ही समान दूसरों को मानता हुआ जो किसी का विश्वास नहीं करता हो, अपनी प्रशंसा सुनकर सन्तुष्ट होता हो, हानि-लाभ को नहीं समझता हो, युद्ध में मरने की इच्छा रखता हो, स्तुति किये जाने पर बहुत धन देने वाला हो और कार्य - अकार्य की जिसे पहचान नहीं हो, वह कापोत लेश्या वाला जीव है । २०१. प्रश्न : पीत लेश्या वाले जीव के क्या लक्षण हैं ? उत्तर : जो करने योग्य और न करने योग्य कार्य को जानता हो, सेव्य - असेव्य का विवेक रखता हो, सब जीवों पर समान दृष्टि रखता हो तथा दया, दान में तत्पर रहता हो, वह पीत लेश्या वाला जीव है । (१०२)
SR No.090245
Book TitleKarananuyoga Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages149
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Agam, Canon, H000, H015, & agam_related_other_literature
File Size2 MB
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