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________________ गोत्रकर्म की उत्तर प्रकृतियों के संवेध भंग गोत्रकर्म के संवेध भंगों का दर्शक विवरण गाथा १० मोहनविक्रम की अशा प्रकृतिमा बासस्थान बन्धस्थानों के समय और स्वामी मोहनीयकर्म के बन्धस्थानों का स्वामी और काल सहित विवरण गाथा ११ मोहनीयकर्म की उत्तर प्रकृतियों के उदयस्थान स्वामी और काल सहित उक्त उदयस्थानों का दर्शक विवरण माथा १२, १३ ७४-८७ मोहनीयकर्म की उत्तर प्रकृतियों के सत्तास्थान, स्वामी और काल अनन्तानुबन्धी चतुष्क की विसंयोजना : जयधवला अट्ठाइस प्रकृतिक सत्तास्थान का उत्कृष्ट काल : मतभिन्नता सत्तास्थानों के स्वामी और काल सम्बन्धी दिगम्बर साहित्य का मत ७७ स्वामी और काल सहित मोहनीयकर्म के सत्तास्थानों का दर्शक विवरण गाथा १४ ८७-६० मोहनीयकर्म की उत्तर प्रकृतियों के बन्धस्थानों के भंग ८७ गाथा १५, १६, १७ ९०-१०६ मोहनीय कर्म के बन्धस्थानों में उदयस्थानों का निर्देश मिध्यादृष्टि गुणस्थान में अनन्तानुबन्धी के उदय से रहित उदयस्थान की सम्भवता का निर्देश
SR No.090244
Book TitleKarmagrantha Part 6
Original Sutra AuthorDevendrasuri
AuthorShreechand Surana, Devkumar Jain Shastri
PublisherMarudharkesari Sahitya Prakashan Samiti Jodhpur
Publication Year
Total Pages573
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Karma, & Religion
File Size9 MB
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