________________
ज्ञानावरणीय कर्म
कर्म ग्रन्थ
00000
मुनिश्री मिश्रीमल जी
दर्शनावरणीय कर्म
वेदनीय कर्म
मोहनीय कर्म
आयुष्य कर्म
नाम कर्म
गोत्र कर्म
'अंतराय कर्म
금
2941
कर्म ग्रन्थ
जैन कर्म शास्त्र क सर्वांग विवेचन
व्याख्याकार
मरुधर केसरी प्रवर्तक मुनिश्री मिश्रीमलजी