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________________ म mmm २६५ २६८ ३०४ विषय पृष्ठ विषय मन्दरानुगम २२६ जघन्य परिमाणानुगम नाना जीवोंकी अपेक्षा भंगविचवानुगम २२८ क्षेत्रानुग मने दो भेद भागाभामानुगम २२८ उत्कृष्ट क्षेत्रानुगम परिमाणानुगम जघन्य क्षेत्रानुगम क्षेत्रानुगम २२६ स्पर्शनानुगमके दो भेद गर्शनानुगम २२६ उत्कृष्ट स्पर्शनानुगम कालानुपम २३० जघन्य स्पर्शनानुगम अन्तरानुगम २३० कालानुगमके दो भेद भावानुगम उत्कृष्ट कालानुगम अल्पबहुत्वानुगम जघन्य कालानुगम अन्तरानुगमके दो भेद ८ उत्तरप्रकृतिस्थिति उदीरणा उत्कृष्ट अन्तरानुगम २४ अनुयोगद्वारों तथा भुजमावारिकिरानाभावार्य अन्शुिबिस्तासामुबार जी महाराज अद्धान्द्रेदके दो भेद २३१ दो प्रकारचा भाव उत्कृष्ट अडाच्छेद २३१ अगबहुत्व के दो भेद जघन्य अद्धाच्छद २३२ उचाष्ट अलाबहुत्व सर्वआदि ४ अनुयोगद्वार २३४ जघन्य अलाबहुन्व सादिआदि ४ अनुमोगद्वार २३४ स्थिलि अन्त्यवहुत्व के दो भेद स्वामित्वानुगमके दो भेद २३५ उल्लष्ट स्थिति अल्प बहुस्त्र उनकट स्वामित्वानुगम २३५ जघन्य स्थिति अल्पबहुल जघन्य स्वामित्यानुगम भुजगार कालानुगमके दो भेद समुलीवनानुमान उत्कृष्ट कालानुगम स्वामित्वानुगम जघन्य कालानुगम कालानुगम अन्त गनुगमके दो भेद अन्तरानुगम उत्कृष्ट अन्तरानुगम माना जोपोंकी अपेक्षा भंगविवधानुगम जघन्य अन्तरानुगम भागाभागानुगम सन्निकर्षक दो भेद परिमाणानुगम उत्कृष्ट सन्निवर्ष क्षेत्रानुगम जघन्य सन्निकर्प २७५ स्पर्शनानुगम माना जीनोंकी अपेक्षाभंगविचयके दो भेद कालानुगम उत्कृष्ट भंगविचय अन्तरानुगम जघन्य मंगविचय भावानुगम भागाभागानुगमको दो भेद अल्पबत्यानुगम उत्तर भागाभागानुगम जघन्य भागाभागानुगम पदनिक्षेप परिमाणानुगमके दो भेद २६० इसके ३ अनुयोगद्वार उत्कृष्ट परिमाणानुगम २६० समुत्कीर्तनामुगम २ भेद २३६ ३१८ ३२८ in २६७ nx r r २५ ३२१ ३५.१
SR No.090222
Book TitleKasaypahudam Part 10
Original Sutra AuthorGundharacharya
AuthorFulchandra Jain Shastri, Kailashchandra Shastri
PublisherMantri Sahitya Vibhag Mathura
Publication Year1967
Total Pages407
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Karma, & Religion
File Size13 MB
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