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________________ गाथासूची/७६५ FUr पृष्ठ ४.७४ ५१७ गाथा देवेहि सादिरेया देवेहि मादिरेया देवहि सादिरेगो देसविरदे देसाबहिवर देसोहिमबर देसाहिमज्भ देसोहिरम य दोगुणांगणद्धाणु दोपहं पंचय दोलिगपभब ४८५ '४२५ १८६ ५०६ धणुवीसडदस धम्मगुरगमगणा धम्माधम्मादी धुवाद्धवरूवे धुवकोसु भय धुवहारकम्म ध्रुवहारस्स पमाणं धूलिग छक्कट्ठागा pour TUTUS > SU" ६१२ माथा पज्जायकावर पडिबादी दे. ७२२ | पडिवादी पुगा | पढमऋग्वा अल४६६ पदम पमदपमा | पढ मुवसमसहि ४८५ पागने तस पश्याट्टदाल पण परशरगतिमा पणगाव गिगज्जा | पगिादरसभोय पण बीम जोय पत्नयबुद्धनित्थ पमदादिचज पम्मस्स य सट्टागा पम्मुक्कस्संसमुदा परमणसिट्टियमट्ठ परमाणुपादियाई ४८२ परमाणुवगणादा परमाणहि अण परमावहिबर परमावहिरस परमावहिप्स परमाहिदव्य पल्लतियं उव ४२० | पलसमऊगा १३५ | पल्लासंखघणं | पल्लामुखज्जय पल्लासंबेज्ज ५६२ | पल्लामबज्ज ५६६ पल्लामखेज्जा ३.७५ ' पस्सदि प्रोही ५६२ । पहिया जे छापु १६५ | पुश्वरगहरणे २२१ | पुग्गलचित्राइ १६१ | पुदिदगागरिप ७५६ : पृढवी पाऊ तेऊ 4.urt. नोनुक्कस्संस mo N पच्चक्खाणदयादो पच्चवखाणेव पंचखतिरि पंचमिहिचहु पबि इंदिय पंचरस पत्र पंचसंमिदो निगुत्तो पवेव होंनि मगा पज्जत्तस्मय पज्जत्तसरीरस्स पज्जत्तमणुस्मागां पज्जत्तीपट्ठवण पज्जत्ती पाणावि ४८५ .......NK ३६२ २८६ १६४
SR No.090177
Book TitleGommatsara Jivkand
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Siddhant Chakravarti, Jawaharlal Shastri
PublisherRaghunath Jain Shodh Sansthan Jodhpur
Publication Year
Total Pages833
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Philosophy, Religion, & Principle
File Size22 MB
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