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________________ गाथा मुची/७६३ पृष्ठ पृष्ठ | गाथा ६६३ | पारणं पंचविह ३१४ गाणुबजोग जुदा ११७ | गारयतिरिक्त । गिक्खित्त बिदिय गाथा जेट्ठावरबद्द जैसि ण संति जहि अरण्या जेहिं दुलखि जोइमियवारण जोइसियंतागो जोइसियादो अहिया जोगपउत्ती लेस्सा जोग पडि जोगि जोगे चउरक्खाणं जो व सच्चमोसो जो तसबहादु ७८६ १३४ ५६ Cam ६७५ ६७५ ६७६ ठाणेहिदि जोणीहि ५११ | पिच्चिदरधादु णिद्दापयले ५७३ गिदावचरण | रिगद्देसवाणपरिणाम गिद्धत्तं लुगखत्तं गिद्धरिणद्धा ण गिद्धस्स गिद्धेण रिद्धिदरोली रिद्धिदरवरगु गिद्धिदर गुणा रिद्धिदरे सम ५६७ | णि मूलखंध णियखेत्ते केवलि रिपरया किण्हा ५८६ शिस्मसम्वीगा गारइया खलु गोबित्थी रणेव गोइंदियावरण गोइंदियत्ति गो इंदियेसु वि रंगो कम्मुरालसं २८१ ५७८ १३५ ३४६ पट्टकसाये गद्वपमाए पढमा णट्टासेसपमादो णय कुणइ पखवायं णय जे भवाभग्वा गाय परिणदि रण्य पत्तिय गय मित्त णय सच्चमोम गतिरियाग पारतिरिय रग रमति जदो रणरलद्धिमपज्जत णरलोएत्ति य णवमी असारख र मात्र य पदत्था वरि य दुस गगरि बिसेस रावरि समुग्या गावरि य मुक्का णवि इंदिय 11.00A KI m par . COM २२५ ४८५ नज्जोगो सामण | तत्तो उवरि | तत्तो एगार ६८२ | लत्तो कम्मइय ३३५ | तत्तो नाणुत्तारणं ] नत्तो लांतव | तत्तो संखेज्ज नवृहमंगुलस्स तदियवस्त्रो अंत ५०८
SR No.090177
Book TitleGommatsara Jivkand
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Siddhant Chakravarti, Jawaharlal Shastri
PublisherRaghunath Jain Shodh Sansthan Jodhpur
Publication Year
Total Pages833
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Philosophy, Religion, & Principle
File Size22 MB
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