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________________ लेश्या अध्ययन उ. गोयमा ! १. सव्वत्थोवा भवणवासी देवा तेउलेस्सा, २. काउलेस्सा असंखेज्जगुणा, ३. णीललेस्सा विसेसाहिया, ४. कण्हलेस्सा विसेसाहिया। प्र. २. एएसि णं भंते ! भवणवासिणीणं देवीणं कण्हलेस्साणं जाव तेउलेस्साण य कयरे कयरेहिंतो अप्पा वा जाव विसेसाहिया वा? उ. गोयमा ! एवं चेव। प्र. ३. एएसि णं भंते ! भवणवासीणं देवाण य देवीण य कण्हलेस्साणं जाव तेउलेस्साण य कयरे कयरेहिंतो अप्पा वा जाव विसेसाहिया वा? उ. गोयमा ! १. सव्वत्थोवा भवणवासी देवा तेउलेस्सा, २. भवणवासिणीओ तेउलेस्साओ संखेज्जगुणाओ, उ. गौतम ! १. सबसे कम तेजोलेश्या वाले भवनवासी देव हैं, २. (उनसे) कापोतलेश्या वाले देव असंख्यातगुणे हैं, ३. (उनसे) नीललेश्या वाले देव विशेषाधिक हैं, ४. (उनसे) कृष्णलेश्या वाले देव विशेषाधिक हैं। प्र. २. भंते ! इन कृष्णलेश्यावाली यावत् तेजोलेश्या वाली भवनवासी देवियों में से कौन, किससे अल्प यावत् विशेषाधिक हैं? उ. गौतम ! इसी प्रकार (देवों के समान देवियों का भी अल्पबहुत्व) कहना चाहिए। प्र. ३. भंते ! कृष्णलेश्या वाले यावत् तेजोलेश्या वाले भवनवासी देवों और देवियों में से कौन, किससे अल्प यावत् विशेषाधिक हैं? उ. गौतम ! १. सबसे थोड़े तेजोलेश्या वाले भवनवासी देव हैं, २. (उनसे) तेजोलेश्या वाली भवनवासी देवियां संख्यात___ गुणी हैं, ३. (उनसे) कापोतलेश्या वाले भवनवासी देव असंख्यात गुणे हैं, ४. (उनसे) नीललेश्या वाले भवनवासी देव विशेषाधिक हैं, ५. (उनसे) कृष्णलेश्या वाले भवनवासी देव विशेषाधिक हैं, ६. (उनसे) कापोतलेश्या वाली भवनवासी देवियां संख्यातगुणी हैं, ७. (उनसे) नीललेश्या वाली भवनवासी देवियां विशेषाधिक हैं, ८. (उनसे) कृष्णलेश्या वाली भवनवासी देवियां विशेषाधिक हैं। जिस प्रकार भवनवासी देव-देवियों का अल्पबहुत्व कहा है, इसी प्रकार वाणव्यन्तरों के तीनों ही अल्पबहुत्व कहने चाहिए। प्र. भंते ! इन तेजोलेश्या वाले ज्योतिष्क देव-देवियों में से कौन, किससे अल्प यावत् विशेषाधिक हैं ? ३. काउलेस्सा भवणवासी देवा असंखेज्जगुणा, ४. णीललेस्सा विसेसाहिया, ५. कण्हलेस्सा विसेसाहिया, ६. काउलेस्साओ भवणवासिणीओ संखेज्जगुणाओ, ७. णीललेस्साओ विसेसाहियाओ, ८. कण्हलेस्साओ विसेसाहियाओ। एवं वाणमंतराण वि तिण्णेव अप्पाबहुया जहेव भवणवासीणं तहेव भाणियव्या। प. एएसि णं भंते ! जोइसियाणं देवाण य देवीण य तेउलेस्साण य कयरे कयरेहिंतो अप्पा वा जाव विसेसाहिया वा? उ. गोयमा ! १. सव्वत्थोवा जोइसियदेवा तेउलेस्सा, २. जोइसिणिदेवीओ तेउलेस्साओ संखेज्जगुणाओ। प. एएसि णं भंते ! १. वेमाणियाणं देवाणं तेउलेस्साणं, २. पम्हलेस्साणं, ३. सुक्कलेस्साण य कयरे कयरेहिंतो अप्पा वा जाव विसेसाहिया वा? उ. गोयमा ! १. सव्वत्थोवा वेमाणिया देवा सुक्कलेस्सा, २. पम्हलेस्सा असंखेज्जगुणा, ३. तेउलेस्सा असंखेज्जगुणा । उ. गौतम ! १. सबसे थोड़े तेजोलेश्या वाले ज्योतिष्क देव हैं, २. (उनसे) तेजोलेश्या वाली ज्योतिष्क देवियां संख्यातगुणी हैं। प्र. भंते ! इन १. तेजोलेश्या वाले, २. पद्मलेश्या वाले, ३. शुक्ललेश्या वाले वैमानिक देवों में से कौन, किससे अल्प यावत् विशेषाधिक हैं? - उ. गौतम ! १. सबसे कम शुक्ललेश्या वाले वैमानिक देव हैं, २. (उनसे) पद्मलेश्या वाले असंख्यातगुणे हैं, ३. (उनसे) तेजोलेश्या वाले असंख्यातगुणे हैं।
SR No.090159
Book TitleDravyanuyoga Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj & Others
PublisherAgam Anuyog Prakashan
Publication Year1995
Total Pages806
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Metaphysics, Agam, Canon, & agam_related_other_literature
File Size29 MB
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