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________________ प्रयोग अध्ययन ४५. (५) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीर-कायप्प ओगिणो य आहारगसरीरकायप्पओगी य कम्मगसरीरकायप्पओगी य, ४६. (६) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्प ओगिणो य आहारगसरीरकायप्पओगी । कम्मगसरीरकायप्पओगिणो य, ४७. (७) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्प ओगिणो य आहारगसरीरकायप्पओगिणो य कम्मग-सरीरकायप्पओगी य, ४८. (८) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्प ओगिणो य आहारगसरीरकायप्पओगिणो य कम्मगसरीरकायप्पओगिणो य, एए अट्ठ भंगा। ४९. (१) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्पओगी य आहारगमीसगसरीरकायप्पओगी य ___ कम्मगसरीर-कायप्पओगी य, ५0. (२) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्पओगी य आहारगमीसगसरीरकायप्पओगी य कम्मगसरीर-कायप्पओगिणो य, ५१. (३) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्पओगी य आहारगमीसगसरीरकायप्पओगिणो य कम्मगसरीर-कायप्पओगी य, ५२. (४) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्पओगी य आहारगमीसगसरीरकायप्पओगिणो य कम्मगगसरीर-कायप्पओगिणो य, ५३. (५) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्प ओगिणो य आहारगमीसगसरीरकायप्पओगी य कम्मगसरीरकायप्पओगी य, ५४. (६) अहवेगे य ओरालियमीसंगसरीरकायप्प ओगिणो य आहारगमीसगसरीरकायप्पओगी य कम्मगसरीरकायप्पओगिणो य, ५५. (७) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्प ओगिणो य आहारगमीसगसरीरकायप्पओगिणो य कम्मगसरीरकायप्पओगी य, ५६. (८) अहवेगे य ओरालियमीसगसरीरकायप्प ओगिणो य आहारगमीसगसरीरकायप्पओगिणो य कम्मगसरीरकायप्पओगिणो य, एए अट्ठ भंगा। ५७. (१) अहयेगे य आहारगसरीस्कायप्पओगी य, आहारगमीसगसरीरकायप्पओगी य कम्मगसरीरकायप्प-ओगी य, (२) अहवेगे य आहारगसरीरकायप्पओगी य, आहारगमीसगसरीरकायप्पओगी य कम्मगसरीरकायप्पओगिणो य, ५५३ ) ४५. (५) अथवा अनेक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी एक आहारकशरीरकायप्रयोगी और एक कार्मणशरीर___ कायप्रयोगी होता है, ४६. (६) अथवा अनेक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी एक आहारकशरीरकायप्रयोगी और अनेक कार्मणशरीरकाय-प्रयोगी होते हैं, ४७. (७) अथवा अनेक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी अनेक आहारकशरीरकायप्रयोगी और एक कार्मण शरीरकायप्रयोगी होता है, ४८.(८) अथवा अनेक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी अनेक आहारकशरीरकायप्रयोगी और अनेक कार्मण शरीरकायप्रयोगी होते हैं, ये आठ भंग हैं। ४९. (१) अथवा एक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी, एक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और एक कार्मण शरीरकायप्रयोगी होता है, ५०. (२) अथवा एक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी, एक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और अनेक कार्मण शरीरकायप्रयोगी होते हैं, ५१. (३) अथवा एक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी, अनेक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और एक कार्मण-शरीरकायप्रयोगी होता है, ५२. (४) अथवा एक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी, अनेक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और अनेक कार्मण-शरीरकायप्रयोगी होते हैं, ५३. (५) अथवा अनेक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी, एक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और एक कार्मणशरीरकायप्रयोगी होता है, ५४. (६) अथवा अनेक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी, एक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और अनेक कार्मण शरीरकायप्रयोगी होते हैं, ५५. (७) अथवा अनेक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी, अनेक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और एक कार्मण- शरीरकायप्रयोगी होता है, ५६. (८) अथवा अनेक औदारिकमिश्रशरीरकायप्रयोगी, अनेक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और अनेक कार्मण-शरीरकायप्रयोगी होते हैं। ये आठ भंग हैं। ५७. (१) अथवा एक आहारकशरीरकायप्रयोगी, एक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और एक कार्मणशरीर कायप्रयोगी होता है, ५८. (२) अथवा एक आहारकशरीरकायप्रयोगी, एक आहारकमिश्रशरीरकायप्रयोगी और अनेक कार्मणशरीर-कायप्रयोगी होते हैं,
SR No.090158
Book TitleDravyanuyoga Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj & Others
PublisherAgam Anuyog Prakashan
Publication Year1994
Total Pages910
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Metaphysics, Agam, Canon, & agam_related_other_literature
File Size32 MB
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