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________________ अनुयोग द्वार द्रव्य निक्षेप नो आगम आगम स्थित जित मित प्रतिपूर्ण . प्रतिपूर्णघोष परिजित नामसम कण्ठोष्ठविप्रमुक्त घोषसम अहीनाक्षर अन्त्य-अक्षर अव्याविद्ध अस्खलित अमिलित अव्यातामेडित गुरुवाचनोपगत ___ ज्ञायक शरीर भव्य शरीर ब्रा०श०भव्य श० व्यतिरिक्त व्यपगत च्युत च्यावित त्यक्त ____ लौकिक कुप्रावचनिक लोकोत्तरिक राजादिकशृङ्गार कुतीर्थिकों की द्रव्य पूजा अप्रशस्त शिथिलाचार द्रव्य निक्षेप पखण्डागम, धवला . व्यपगत त्यक्त नियुक्ति-संरचना और दशाश्रुतस्कन्धनियुक्ति आगम नो आगम स्थित जित परिचित वाचनोपगत सूत्रसम अर्थसम ग्रन्थसम नामसम घोषसम ज्ञायक शरीर भावी शरीर तद्व्यतिरिक्त वर्तमान भावी कर्म नोकर्म च्युत च्यावित लोकोत्तर त्यक्त - प्रायोपगमन भक्तप्रत्याख्यान सचित्त अचित्त मिश्र लौकिक' सचित्त अचित्त मिश्र तव्यतिरिक्त के अन्य भेद संघातिम अहोदिम णिक्खेदिम ओबेलिम वर्ण ६५ ग्रन्थिम वाइम वेदिम पूरिम चूर्ण गन्ध- विलेपन
SR No.090127
Book TitleAgam 37 Chhed 04 Dashashrutskandh Sutra Ek Adhyayan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAshok Kumar Singh
PublisherParshwanath Vidyapith
Publication Year1998
Total Pages232
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Philosophy, & agam_related_other_literature
File Size13 MB
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