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________________ से लेकर जेल तक का दण्ड दिया जाता है। पशुओं को गाड़ी में जोत कर अधिक चलाना, उन पर अधिक बोझ लादना, उनको पेट से कम चारा देना, निर्दयतापूर्वक पीटना और पैर बांधकर ले जाना यदि कार्य पाश्चात्य देशों में कानून विरुद्ध घोषित PIEN दक्षिणी कार्ड जिले के विरुवचनम ताल्लुक के मदुबेति मंगलम् नाम के स्थान में सूर के छोटे २ जीवित बच्चों को भाले से बोधकर और उसे विधे रूप में ही भालों पर उठाए हुए ग्राम सड़कों पर जलूस बनाकर चलते हैं । लोर जिले के मोपेडू नामक स्थान पर वेदों के मंदिर के सामने एक चार फुट गहरा गढ़ा खोदकर उसमें एक भैसे को उतार कर मजबूती से बांध दिया जाता है। इसके पश्चात कुछ लोग उसको भाने से देव कर जान से मार डालते हैं ये लोग पहले से उसको इस प्रकार मारने की शपथ लेते हैं । कर दिये गये हैं। सन् १८६० में माननीय मिस्टर हचिनसन ने भारतीय कौंसिल में भी पशु निर्दयता निवारक चिन उपस्थित किया था। यद्यपि इस एक्ट के अनुसार पशुओं के साथ किये जाने वाले अनेक निर्दयता पूर्ण कार्यों को अवैध करार दे दिया गया था, किन्तु धर्म के नाम पर की आने वाली निर्दयता का इसमें भी अन्तर्भाव नहीं किया गया। इस बात को प्रत्येक व्यक्ति समझ सकता है कि मारने पीटने अधिक दोभा सादने आदि में पशुओं को इतना दुःख नहीं होता जितना बांध जुड़कर भालों , &o
SR No.090094
Book TitleBhagavana Mahavira aur unka Tattvadarshan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDeshbhushan Aacharya
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages1014
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, Principle, & Sermon
File Size36 MB
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