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________________ 111 122 123 शीघ्रगामी बादलों का फल जल के समान वर्ण वाले बादलों का फल विरागी, प्रतिलोम गति, अनुलोम गति के बादलों का फल नागरिकों के लिए फल आक्रमण के लिए फल बादलों का अनेक दृष्टियों से सामान्य फल . बादलों का अनेक दृष्टियों से विशेष फल तिथियों के अनुसार बादलों का फल 123 124 125 127 सप्तम अध्याय 131 131 131 132 133 135 135 136 सन्ध्याओं के भेद सूर्योदय और सूर्यास्त की सन्ध्या का फल सूर्योदय कालीन सन्ध्या का वर्ण के अनुसार फल दिशाओं के अनुसार सन्ध्या का फल सन्ध्या की परिभाषा स्निग्ध वर्ण की सन्ध्या का फल तत्काल वर्षा सूचक सन्ध्या की स्थिति उदय-अस्त की सन्ध्या में सूर्य रश्मियों का फल सन्ध्या में सूर्य परिवेष का फल सन्ध्या में सूर्य के मण्डलों का फल सन्ध्या के सरोवर, तालाब, प्रतिमा आदि की आकृति का फल राजा को भयोत्पादक सन्ध्या का स्वरूप सन्ध्या काल बादलों की आकृतिका फल सन्ध्या में विद्युत् दर्शन का फल सन्ध्या का अन्य फलादेश सन्ध्या की परिभाषा और उसका स्थिति काल सन्ध्या समय के विभिन्न शकुन 136 --- - 136 137 137 137 138 138 140 140
SR No.090074
Book TitleBhadrabahu Sanhita Part 2
Original Sutra AuthorBhadrabahuswami
AuthorKunthusagar Maharaj
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1268
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Jyotish
File Size28 MB
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