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________________ विषयानुक्रम' 93 324 325 331 331 332 332 333 333 333 334 335. 336. चन्द्रमा द्वारा बृहस्पति के आच्छादन का फल विवेचन अठारहवां अध्याय बुध के प्रवास-अस्त, उदय, वर्ण और ग्रयोग के वर्णन की प्रतिज्ञा बुध की सात प्रकार की मतियों और उनका स्वभाव बुध का नियतचार वर्णानुसार बुध का फल बुध की वीथियाँ और पालादेश बुध की कान्ति का फल अन्य ग्रह द्वारा बुध की दक्षिण-बीथि का भेदन बघ की उत्तर-वीथि का भेदन कृत्तिका, विशाखा आदि नक्षत्रों में वध्र के गमन का फल विवेचन उन्नीसवा अध्याय मंगल के चार, प्रवास, वर्ण, दीप्ति आदि के कथन की प्रतिज्ञा मंगल के चार और प्रवास की काल-गणना मंगल के शुभ और अशुभ का विचार प्रजापति मंगल ताम्रवर्ण के मंगल का फल रोहिणी नक्षत्र पर मंगल की चेष्टा का फल दक्षिण मंगल के सभी द्वारों का अवलोकन मंगल के पांच प्रमुख वक्र और उनका फल बागति से मंगल के गमन और नक्षत्रघात का फल अपगति के गमन का फल मंगल के वर्ण, कान्ति और स्पर्श का फल विवेचन मीसा अध्याय राहु-चार के कथन की प्रतिज्ञा राहु की प्रकृति, विकृति आदि के अनुसार शुभाशुभ निमित्त चन्द्रग्रहण का वर्णन राशि तथा समय के अनुसार ग्रहण-फल चन्द्रग्रहण का विभिन्न दृष्टियों से फल चन्द्रग्रहण सम्बन्धी अन्य शकुन 339 340 340 340 340 340 341 341 341 342 345 345 349 3:49 349 351 3:51 356
SR No.090073
Book TitleBhadrabahu Sanhita Part 1
Original Sutra AuthorBhadrabahuswami
AuthorKunthusagar Maharaj
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages607
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Jyotish
File Size13 MB
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