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________________ 420 भद्रबाहुसंहिता बुधोदय होने पर 25 दिन के बाद रुई में 10 प्रतिशत तेजी आती है और पश्चिम में बुधोदय होने पर रूई, कागास, सुत आदि में सस्ती आती है। मार्गशीर्ष में बुधोदय हो तो कई नेज होती है । पूर्व दिशा में बुध का अस्त होने से 33 दिनों में धान्य, घृतानि गन्दे होते है किन्तु एई में 15 प्रतिशत की तेजी आती है । पश्चिम में बुध के अरत होन म 15 दिन में सई 10 प्रति मत तक सस्ती होती है । मेष राशि से लेकर सिंह गशि तक बुद्ध ने मार्गी होने में कपड़ा, चावल, हाथी, घोड़ा आदि पदार्थ सरने होने हैं। कन्या और तुला में बुध ये मार्गी होने से चन्दन, गुत, घृत, चीनी, अलमी भादि पदार्थ मोजोन हैं ! पति में बुरे होने से एरण्ड, धिनीला और मूंगफली तेज हो जायगी । कुम्भ और मीन में बुद्ध ने पार्टी होने से गोना. सुपारी, गरमों, मोठ, लाख, कपड़ा, नु, खाँध, तल और मूंगफली आदि पदार्थ राज होते हैं। गुरु की स्थिति का फलादेश वृष राशि में गय के रहने में घी और धान्य का भाव अत्यन्त तेज होता है । मिथुन राशि में मुह व रहने गे रूई. तांबा, चांदी, नारियल, तल, सत, अफीम पदार्थ पहले तेज, पपचात मन्दे होते हैं। कर्क राग्नि में गरु के रहने में सभी पदार्थ महंगे होते हैं। सिंह में बहस्पति के रहने गे गेह, घी तेज और कन्या में रहने ग ज्वार, मूंग, मोठ, चावल, घृत, तैला, सिंघाड़ा छ: महीने के बाद गंज, रुई तीन-चार महीने में तंज तथा चाँदी मन्दी होती है । वृश्चिक राशि के गर्भ में सभी वस्तुएं तेज होती हैं । धनु राशि के गुरु में गहूं, चावल, जो आदि अन्न महंग: तैल, गुड़, पद्य सस्ते होते हैं । मबार राशि में गुरु के रहने से तीन महीने महंगी पश्चात् मन्दी आती है। मीन राशि के गुम में सभी वस्तुएँ तेज होती है। महक अस्त होने के 31 दिन बाद रूई में 10-200 रुपये की मन्दी आती है। फाल्गन मास में गरू अस्त हो तो धान्य तज और रूई में 10-20 रूपये की मन्दी आती है। गुरु वा बक्री होने पर मुभिक्ष, धान्य भाव सस्ता, धातु, रुई, केसर, वागुर आदि पदार्थ सस्ते होन हैं। गुरु के मार्गी होने से चांदी, सरगों, रूई, चावल, घी में निरन्तर घटा-पढ़ी होती रहती है। शुक्र को स्पिति का फलादेश—गप के शुक्र में सभी धान्य महये, वृष के शुक्र में अनाज महेंगा, मई, मन्दी और अफीम नेज; मिथुन के शुभ में रूई मन्दी, अफीम तेज; यार्क में शुक्र में सभी वस्तुएं महंगी, भाई का भाव विशेष तेज; सिंह के शक में लाल रंग के पदार्थ महँग, कन्या में सभी धान्य महंगे, तुला व शुक्र में अफीम रोज; वृश्चिक यः शक्र में अनाज मरता; धनु के शुक्र में धान्य महंगे, मकर के शुक्र में 20 दिन में सभी अन्न महंगे, कुम्भ एवं गौन के शुक्र में अनाज सस्ते होते है । सिंह का शत्र, तुना का मंगल, ककं का गर जब आता है, अब अन्न महंगा होता है।
SR No.090073
Book TitleBhadrabahu Sanhita Part 1
Original Sutra AuthorBhadrabahuswami
AuthorKunthusagar Maharaj
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages607
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Jyotish
File Size13 MB
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