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________________ परिशिष्ट ? 432 शिलालेखों में शिल्पी और सहायक पांच सौ से अधिक शिलालेख बिना शिल्पियों के नाम के हैं, फिर भी कम से कम 12 शिल्पियों और सहायकों के नाम उपलब्ध हैं। प्रत्येक नाम के आगे शिलालेख का क्रमांक 'एपिमाफिया कर्नाटिका' के नये संस्करण के आधार पर दिया गया है। नाम अकारादिक्रम से है : शिल्पी और सहायक शिलालेख क्रमांक कंखरी (वादित्र) कन्दाचार (सिपाही) 324 कम्मट (टकसाल का व्यक्ति) 294 चेन्नण, चेन्नण्ण-(मंदिर-शिल्पी) 516, 507, 512, 513, 515, 540 दागोदाजि (जीर्णोद्वारक) (मा. च. प. मा. से प्रकाशित शिला. सं.भाग : 1, शिला.ऋ. 434) दासोज (मूर्तिकार) 173 देवण (कारीगर) नागवर्म (मूर्तिकार) 194 रोज (मूर्तिकार) श्रीधरवोज (मूर्तिकार) 336
SR No.090050
Book TitleAntardvando ke par
Original Sutra AuthorN/A
AuthorLakshmichandra Jain
PublisherBharatiya Gyanpith
Publication Year1993
Total Pages188
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Sermon
File Size37 MB
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