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________________ परिशिष्ट 5 . शिलालेखों में महिलाएँ जैन धर्म और संस्कृति का प्रभाव जीवन में कितना गहरा और व्यापक था इसका प्रमाण उन महिलाओं की नामावलि प्रस्तुत करती है जिनका उल्लेख श्रवणबेलगोल के शिलालेखों में आया है । यह सूची अकारादि क्रम सें बनाई गई है। विशिष्ट नामों का परिचय-संकेत है। साथ में उन शिलालेखों का संदर्भ भी जिनमें प्रत्येक नाम आया है । लेख संदर्भ ‘एपिनाफिया कर्नाटिका' के नये संस्करण के आधार पर है। महिलाएं अक्कन्वे : चन्द्रमौलि मंत्री की माता 444 अत्तिमम्बरसि, अत्तिमम्बे 82, 444, 532 आचलदेवी, आचले, आचाम्बा, माचियक्क : चन्द्रमौलि मंत्री की भार्या 362, 444, 571 आचलदेवी : हेम्माडिदेव की भार्या 444 आचाम्बिके : अरसादित्य की भार्या 322 एचम्बे 532 एचलदेवी 342, 444 एचलदेवी 444, 476. 481, 557, 569, 571 कामलदेवी : नागदेव मंत्री की भार्या 73, 457 केलियदेवी, केलेयब्बरसि : विनयादित्य होयसल नरेश की रानी 444, 476, 481, 571 गंगायी 408 गुज्जवे 356 गुणमतियम्बे 129 मोरपीकन्ति 374
SR No.090050
Book TitleAntardvando ke par
Original Sutra AuthorN/A
AuthorLakshmichandra Jain
PublisherBharatiya Gyanpith
Publication Year1993
Total Pages188
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Sermon
File Size37 MB
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