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________________ अनुयोगद्वारसूत्रे __ अलीकादि द्वात्रिंशत्सूत्रदोषाणां व्याख्या उत्तराध्ययनसूत्रे प्रथमाध्यनस्थ बयोविंशतितमगाथाया व्याख्यानेऽस्मस्कृतप्रियदर्शिनीटीकायां स्पष्दा, तत एव जिज्ञासुभिर्मावनीयेति । एतैात्रिंशत्सूत्रदोष रहितं यरसूत्रं तद् लक्षणयुक्त सूत्र लक्षणसहितं भवति । तथा-अष्टमिश्च गुणैरुपेतं-युक्त सूत्रं लक्षणयुक्त भवति । सूत्रस्याष्टौ गुणाश्च "निहोस सारवंतं च, हेउजुत्तमलकियं ।। उवणीयं सोयारं च, मियं महुरमेव य ॥" छाया-निर्दोष सारवच देतयुक्तमलकृतम् । उपनीत सोपचारच मितं मधुरमेव च ॥इति । केचित्तु सूत्रस्य षड् गुणानिच्छन्ति यथा "अप्पक्खरमसंदिद्धं, सारवं विस्सओ मुहं । अत्थोभमणवज्जं च, मुत्तं सधण्णुभासियं ॥" संघिदोष । इन अलीक आदि ३२ दोषों की व्याख्या, उत्तराध्ययन सूत्र में प्रथम अध्ययन की २३ वी गाथाके व्याख्यान पर हमारे द्वारा कृत प्रियदर्शिनी टीका में की जा चुकी है। इसलिये जिज्ञासुजन वहीं से इस विषय को समझले । इन ३२ दोषों से रहित जो सूत्र होता है वह सूत्र लक्षण सहित होता है । तथा आठ गुणों से युक्त होता है। आठ गुणों से युक्त हुआ सूत्र ही लक्षण युक्त होता है। सूत्र के ये आठ गुण ही 'निदोसं सारवंतं च' इत्यादि गाथा द्वारा कहे गये हैं। इनके नाम इस प्रकार से हैं--(१) निर्दोष, (२) सारवान् (३) हेतु. यक्त (४) अलंकारयुक्त, (५) उपनीत, (६) सोपचार, (७) मित और (८) मधुर । किसी के मत से सूत्र के ६ ही गुण हैं जो इस (31) पहा होष, (३२) सधि होष. ॥ मसी पोर. ३२ सूत्रहोपानी વ્યાખ્યા ઉત્તરાધ્યયન સત્રના પ્રથમ અધ્યયનની ૨૩ મી ગાથાના વ્યાખ્યાનમાં અમારી પ્રિયદર્શિની વ્યાખ્યામાં કરવામાં આવેલ છે. એથી જિજ્ઞાસુઓ ત્યાંથી જાણવા પ્રયત્ન કરે. આ ૩૨ દેથી રહિત જે સૂત્ર હોય છે, તે સૂત્ર લક્ષણ સહિત હોય છે. તેમજ આઠ ગુણેથી જે યુક્ત હોય છે તેજ લક્ષણ યુક્ત समय छे. सूत्रना मा ४ गुणे । 'निहोस सारवंतं च' मेरे गाया 43 अपामा मावद . तमन। नाभा मा प्रभारी छे. (१) निष, (२) सारवान् (3) तुयुत (४) मा२युत, (५) 6पनात, (6) ५२ (७) भित भने (૮) મધુર. કેટલાકના મતાનુસાર સૂત્રના ૬ ગુણ માનવામાં આવ્યા છે. જે
SR No.040004
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1968
Total Pages925
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size147 MB
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