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________________ ____ अनुयोगद्वारसूत्रे अथ क्षेत्रसमवतारादीन् निरूपयति___ मूलम्-से किं तं खेत्तसमोयारे? खेत्तसमोयारे-दुविहे पण्णत्ते, तं जहा-आयसमोयारे य तदुभयसमोयारे य। भरहे- वासे आयसमोयारेण आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं जंबुद्दीवे समोयरइ आयभावे य। जंबुद्दीवे आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं तिरियलोए समोयरइ आयभावे य। तिरियलोए आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं लोए समोयरइ आयभावे य । से तं खेत्तसमोयारे। से किं तं कालसमोयारे ? कालसमोयारे-दुविहे पण्णते, तं जहा-आयसमोयारे य तदुभयसमोयारे य। समए आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं आवलियाए समोयरइ आयभावे य। एवमाणापाणू थोवे लवे मुहुत्ते अहोरत्ते पक्खे मासे ऊऊ अयणे संवच्छरे जुगे वाससए वाससहस्ते वाससयसहस्से पुवंगे पुत्वे तुडिअंगे तुडिए अडडंगे अडडे अववंगे अववे हुहुअंगे हूहूए उप्पलंगे उप्पले पउमंगे पउमेणलिगंगे गलिणे अच्छनिउरंगे अच्छनिउरे अउअंगे अउए नउअंगे नउए पउअंगे पउए चूलिअंगे चूलिया सीसाहोलअंगे सीसपहेलिया पलिओवमे सागरोवमे आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ तदुभयसमोयारेणं ओसप्पिणीउस्सप्पिणीसु समो. यरइ आयभावे य। ओसप्पिणी उस्सपिणीओ आयसमोयारेणं आयभावे, समोयरंति, तदुभयसमोयारेण पोग्गलपरियट्टे समो.
SR No.040004
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1968
Total Pages925
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size147 MB
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