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________________ १-२ अनुयोगद्वारसूत्र भा०२ की विषयानुक्रमणिका अनुक्रमाङ्क विषय पृष्ठाङ्क १ बीभत्स रस के लक्षण का निरूपण २ हास्य रस के लक्षण का निरूपण ३ करुण रस के लक्षण का निरूपण ४ प्रशान्त रस के लक्षण का निरूपण ८-११ ५ दश प्रकार के नाम का निरूपण १२-२१. ६ प्रतिपक्ष धर्म वाले के नाम का निरूपण २१-३२ ७ संयोगके स्वरूप का निरूपण ३३-४० ८ प्रमाणके स्वरूप का निरूपण ४०-४१ ९ स्थापना प्रमाण के स्वरूप का निरूपण ४२-५३ १० द्रव्यममाण के स्वरूप का निरूपण ५३-५४ ११ भावपमाण के स्वरूप का निरूपण ५५-६५ १२ तद्धित के नाम का निरूपण ६६-७७ १३ उपक्रम के प्रमाणनाम के तीसरा भेद का निरूपण ७८-७९ १४ द्रव्यममाण का निरूपण ८१-९५ १५ उन्मान के प्रमाण का निरूपण ९६-९८ १६ अवमान के और गणिम के प्रमाण का निरूपण १७ प्रतिमानप्रमाण का निरूपण १०६-११० १८ क्षेत्रममाण का निरूपण १११-१२१ १९ आत्माङ्गुलममाण के प्रयोजन का निरूपण १२१-१३२ २० उत्सेधालपमाण का निरूपण २१ नैरयिकों के शरीर की अवगाहना का निरूपण -१५४-१६५ २२ पृथ्वीकाय आदि के शरीर की अवगाहना का निरूपण १६६-१७४ २३ पंचेन्द्रियतियग्योनिकों के शरीर के अवगाहना का निरूपण १७४-२०१ २४ बाणमंतर आदि के शरीर की अवगाहना का निरूपण २०२-२११ २५ प्रमाणाङ्गुल का निरूपण २११-२२७ २६ कालप्रमाण का निरूपण २२८-२३० २७ समय का निरूपण . २३१-२४७
SR No.040004
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1968
Total Pages925
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size147 MB
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