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________________ ३९८ अनुयोगद्वार इत्थं नैगमव्यवहारनयमतेन अनौपनिधिकी द्रव्यानुपूर्वी उपाख्याय संग्रहनयमतेन सम्प्रति तामेव व्याख्यातुमाह मूलम् - से किं तं संगहस्स अणोवणिहिया दवाणुपुवी ? संगहस्स अणोवणिहिया दव्वाणुपुत्री पंचविहा पण्णत्ता, तं जहाअट्ठपयपरूवणयार, भंगसमुक्कित्तणयार भंगोवदंसणया ३ समोयारे४ अणुगमे५॥सू०९१॥ छाया - अथ का सा संग्रहस्य अनौपनिषिकी द्रन्यानुपूर्वी ? संग्रहश्य अनौपनिषिकी द्रव्यानुपूर्वी पञ्चविधा प्रज्ञप्ता, तद्यथा - अर्थपदमरूपणता १, भङ्गसमुत्कीचनता२, भङ्गोपदर्शनता ३, समवतारः४, अनुगमः ५ ॥ ०९१॥ टीका -' से किं तं ' इत्यादि व्याख्या निगद सिद्धा | सू० ९९ ॥ से यह अनुगम का स्वरूप है। इस प्रकार यहां तक नैगम व्यवहार नय संगत अनोपनिधिकी द्रव्यानुपूर्वी का कथन किया । सू० ९० ॥ अब सूत्रकार संग्रहनय के मतानुसार इस अनौपनिधि की द्रव्यालुपूर्वी का कथन करते हैं - 'से किं तं' इत्यादि । शब्दार्थ - हे भदन्त ! ( से किं तं संगहस्त अणोवणिहिया दव्वाणु पुत्री ) ' संग्रहनय संमत अनौपनिधिकी द्रव्यानुपूर्वी का क्या स्वरूप है ? उत्तर- (संगहस्स अणोवणिहिया दव्वाणुपुत्री पंचविहा पण्णत्ता) संग्रहनय संमत अनौपनिधिकी द्रव्यानुपूर्वी पांच प्रकार कही गई है। (तं जहा ) उसके वे प्रकार ये हैं- ( अट्ठश्यरूपवणया १ भंग समुत्तिणया ५ गोवदंसणया ३ समोयारे ४, अणुग मे ५, ) अर्थपद प्ररूपणता १, भंग પ્રકારે અહીં સુધીમાં સૂત્રકારે તૈગમવ્યવહારનયસમત અનૌપનિષિકી દ્રવ્યાનુપૂર્વી ના સ્વરૂપનુ નિરૂપણ કર્યું છે. ાસૢ૦૯૦|| હવે સૂત્રકાર સંગ્રહનયના મતાનુસાર આ અનૌપનિષિકી દ્રવ્યાનુપૂર્વી ના वइप उथन रे छे - " से कि त " त्याहि शब्दार्थ - प्रश्न- (से किं तं संगहस्स अगोवणिहिया दत्राणुपुत्र्वी १) के ભગવન્ ! સ'ગ્રહનયસ'મત અનોપનિષિકી દ્રવ્યાનુપૂર્વીનું સ્વરૂપ કેવું છે? उत्तर - ( संगहस्स अणोवणिहिया दन्त्राणुपुत्री पंचविहा पण्णत्ता ) स श्रद्धनयस'भत मनोयनिषिडी द्रव्यानुपूर्वी पांच प्रारनी उही छे. ( स जहा ) ते अाश नीचे प्रमाये छे - ( अत्थपयपरूवणया १, भंगसमुक्तिणया २, भंगोषदंसधया, स्वमोयारे४ अणुगमे५) (१)अर्थ पढअ३पलुता, (२) अजय भुडीत नला
SR No.040003
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1967
Total Pages861
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size249 MB
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