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________________ भाषाटीकासहित... 77 देखा, और चारसौ रुपये मेरे बेटेसे लेकर एक टोना बना दिया, उससे एकही दिनमें मेरी लडकी अच्छी होगई, वही टोना अबतक मेरे घर रक्खा है. बिना चारसौ रुपये लिये मेरा बेटा उस टोनेके मटकेको नहीं देगा, परन्तु वह मटका तुमको अपने शिरपर रखकर लाना होगा. सुनारने बुढियाकी बातको मान लिया, और कहा, कि बूढी माई ? जिससमय तुम मुजे लिवा ले जाओगी, तुरन्त तुम्हारेसाथ चलकर मटकेको उठा लाऊंगा. यह सुनकर बुढिया अपने मनमें बहुत प्रसन्न हुई, और अपने घरजाकर एक बडासा मटका मंगाया: और एक सुन्दर बीस बाईस वर्ष के पढेको मटकेमें बिठाकर ऊपरसे कपडा बांधकर सीं दिया, और सुनारने आकर बोली कि चलकर मटकेको ऊठा लाओ, परंतु बड़ी सावधानीसे मटका शिरपर रखकर लाना, सबेरेही तुमको फिर वह मटका मेरे घरपर पहुंचा देना पडेगा. यह मुनकर वह काठका उल्लू बुढियाके संग गया, और जाकर वह मटका अपने शिरपर रखकर घर लाया. P.P.AC.Gunratnasuri M.S. Jun Gun Aaradhak Trust
SR No.036492
Book TitleStree Charitra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1920
Total Pages205
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size158 MB
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