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________________ स्त्रीचरित्र. लालके रिश्तेदार थे, उनके पास सीधे चले गये और सब हाल कहकर पूंछा, कि बाबूजी! अब हम क्या करें ऐसा उपाय बतलाइये कि उस दुष्टको अपने पापका फल भोगना पडे. और हमको हमारी स्त्री मिलजावै. यह सुनकर बाबूजीने उत्तर दिया कि आप कुछ सोच विचार न कीजिये. जैसा आप कहते हैं, वैसाही होगा. आपका चोर अभी बाहर नहीं गया होगा. आज रातभर शहरमें ही रहेगा. हमको आपका हाल सुनकर बहुत रंज हुआ. आप अपने घरपर जाइये रातभरमें प्रबन्ध करके "सबेरा होतेही हम आपको बुलवालेंगे. यह सुनकर लालाहजारीलाल अपने घरपर लौट आये, परन्तु सोच विचार करते हुये रात बीतगई. उधर इन्स्पेक्टर बाबूने गुलजारीके एक मित्रद्वारा पता लगा लिया. प्रातःकाल होतेही कई सिपाहियोंको साथ लेकर इन्स्पेक्टर बाबू स्वयं उस मकानके द्वारपर जा खडे हुये, और मकानको भीतरसे खुलवाकर गुलजारीलालको पकडवाकर बांध लिया और मोहनीके ऊपर चार पहरेदार नियत कर दिये Gon Aaradhak Trust PR.AC..GunratnasuriM.S.
SR No.036492
Book TitleStree Charitra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1920
Total Pages205
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size158 MB
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