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________________ श्रीपाल18|| पर पड़ाव डालो, आज्ञा पातेही सब जहाजे एक दम ठरहा दी गई, अब दस हजार सुभटों के || प्रस्ताव तीसरा. चरित्र साथ श्रेष्ठीशिरताजने जहाजोंसे नीचे उतरकर भूतल पर प्रवेश किया, अन्य जात्री लोग जी 35 // जल, काष्टादिकी व्यवस्था करने लगे; इस प्रकार चारों ओर लोग अटन कर रहे हैं. . HEGNOOSSAARHUS नाम - बब्बराधीश पर विजय. (पहिला-विवाह) . इस वख्त बब्बरकुलके नगररक्षक पुरुष कोलाहल श्रवण कर जहाज़ोका कर लेनेके लिये || * वहां पर आये मगर धवल शेठको अपने दस हज़ार सुभटोंका मगरूर होनेसे कर नहीं दिया | | इससे परस्पर कलह उत्पन्न हुवा, शेठके सुभटोंने राजपुरुषोंको तर्जित किये इससे वे लोग ||8| AC.Gunratnasuri M.S. Jun Gun Aaradhak
SR No.036490
Book TitleShripal Charitra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagar
PublisherGaneshmal Dadha
Publication Year1924
Total Pages198
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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