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________________ दिनांक 12.02.2019 को पर्व उज्जैन के नई दुनिया दैनिक भास्कर पत्रिका आदि अखबारों में प्रतिमाजी उत्थापन एवं नई प्रतिमाजी की स्थापना ना करने का आश्वासन ट्रस्ट मण्डल देता रहा / दिनांक 16/17.02.2019 को संजय कोठारी एवं भुषण भाई शाह द्वारा ए.डी.एम. श्री डावर साहब एवं ट्रस्ट मण्डल के ट्रस्टी के समक्ष महाकाल मंदिर धर्मशाला में पुनः 21.01. 2001 के निर्णय को स्वीकार करते हुए आचार्य मणीप्रभ सागर जी, आचार्य विश्वरत्न सागर जी, आचार्य हेमचन्द्र सागर जी के मध्य मंदिर परिसर में चर्चा में पुनः स्वीकार किया कि पूर्व के निर्णय को मानते हुए किसी भी प्रकार परिवर्तन नही करेंगे। दिनांक 17.02.2019 को प्रातः जुलुस में ट्रस्ट मण्डल द्वारा बाउंसर (पहलवान) को बुलाकर श्रावक श्रावीक के साथ मारपीट एवं अभद्र अशोभनीय कृत्य किया जो कि ट्रस्ट मण्डल एवं आचार्य मणीप्रभ सागर जी महाराज सा. की उपस्थिती में हुआ (1-K) दिनांक 18.02.2019 को प्रतिमा प्रतिष्ठा महर्त में नवीन प्रतिमाजी का गोपनीय एवं दुर्भावना पूर्वक नवीन प्रतिमाजी का प्रतिष्ठा मंदिर परिसर की द्वितीय तल पर प्रतिष्ठा कर उक्त प्रतिमा जी पर आचार्य जीनमणी प्रभ सागर जी के नाम के शीलालेख दर्ज कराकर पूर्व के आश्वासन को दरकिनार करते हुए प्रतिष्ठा मनमाने तरीके से कर दी जिससे सम्पूर्ण समाज आहत है दिनांक 28.01.2019 को रूबरू ने ट्रस्ट मण्डल को संजय जी कोठारी द्वारा नोटिस आपसी व्यवहार में ट्रस्ट मण्डल को सौपा था जिसके अभिभाषक राजेश बाथम का नाम दर्ज है / (1-L) श्रीमान 1. नवीन प्रतिमाओं को तत्काल प्रभाव से हटाया जावे / 2. जिर्णोधार में लगभग 100 करोड रूपये का दान प्राप्त हुआ जैन सिद्धात के अनुरूप देवद्रव्य की राशी ही स्वीकार की जाती है और उसीके द्वारा जिनालाय का निर्माण किया जाता है प्राप्त आय का दान दाताओ सहित नाम एवं हिसाब सार्वजनीक प्रस्तुत किया जावे प्राप्त आय से अन्यत्र उपयोग खर्च नही किया जाता है जैन शास्त्र विधान अनुसार शास्त्र सम्मत होकर मान्य है / जैसे सोश्यल प्रिन्ट इलेक्ट्रानिक मिडीया टेन्ट लाईट डेकोरेशन भोजन संगीत विधीकारक केटर्स वेटर्स बिजली यातायात भाडा बहुमान सामग्री प्रतीक चिन्ह वाहन आदि व्यय प्राप्त दान से एवं बोलियो द्वारा नही कर सकते है अतः यह खर्च भी नही किया जा सकता है / प्राचीन प्रतिमा मूल नायक भगवान के दाये बाये में ही पूनः प्रतिष्ठीत कि जावे एवं नई प्रतिमाजी को हटायी जावे प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम 1901 1. 2000000000009090090 000000000000000000000 00000000000000000 600000000000000
SR No.035326
Book TitleKhartargacchacharya Jinmaniprabhsuriji Ko Pratyuttar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorTejas Shah, Harsh Shah, Tap Shah
PublisherShwetambar Murtipujak Tapagaccha Yuvak Parishad
Publication Year
Total Pages78
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size50 MB
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