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________________ परिशिष्ट 6 अवन्ति पार्श्वनाथ प्रतिष्ठा विषयक कार्यवाही IRSTAN प्रति दिनांक 07/02/2019 6102.83310 कलेक्टर महोदय जिला-उज्जैन (ANIRe 12 22011 विषय :- श्री अवंति पार्श्वनाथ मंदिर में प्राचीनतम धरोहर के स्वरूप से छेड़छाड़ विषयक। महोदय, पूर्व में आपकी जानकारी में श्री अवंति पार्श्वनाथ मंदिर के संबंध में विभिन्न विषयों पर शिकायत की गई है। इस संबंध में आपने संज्ञान लेकर अधिकारीगणों से विवादित स्थल का मौका मुआयना कराया है। इसकी जानकारी का समाचार (संलग्न) 7 फरवरी 2019 को प्रमुख अखबारों में प्रकाशित हुआ है। निवेदन है कि धार्मिक, सामाजिक मुद्दा होने से निम्नांकित बिंदुओं पर जांच की जाए : 1. जीर्णोद्धार पूर्व दिनांक 21.01.2001 को ट्रस्ट मंडल की मीटिंग में सर्वानुमति से पारित प्रस्ताव एवं अनुमोदित प्रस्ताव अनुसार ही कार्य हो, जिसमें उल्लेख किया गया है कि मूल मंदिर के गंभारे में प्रतिमाजी को छेड़छाड़ नहीं करेंगे ओर किसी प्रकार का शिलालेख भी नहीं लिखेंगे। ऐंसा निर्णय अंतिम हुआ था। 2. जैन सिद्धांत और मान्यताओं अनुरूप तपागच्छीय परंपरा प्राचीन है बाद में अन्य मत, पंथ संप्रदाय का उदगम हुआ। साथ ही श्री अवंति पार्श्वनाथ मंदिर तपागच्छीय परंपरा की मान्यताओं के अनुसार ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार महाकाल मंदिर के समकालीन ^निर्माण के प्रमाण है। 2000000000000000000 000000000000000000 PORoad OODOO
SR No.035326
Book TitleKhartargacchacharya Jinmaniprabhsuriji Ko Pratyuttar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorTejas Shah, Harsh Shah, Tap Shah
PublisherShwetambar Murtipujak Tapagaccha Yuvak Parishad
Publication Year
Total Pages78
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size50 MB
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