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________________ [ ११ ] है । यहांसे रेल पर बैठके कायमगञ्ज जाना । मौ० १८ मा० )m २६ कायमगञ्ज टेशन उतरना सहरहै सवारी सब मिले हैं वहांसे खुसको रस्ते जाना सड़क है। को० ३ कंपोला। १-२३ श्रीकंपौलानगरौ तीर्थ है सहरमें ध० म० भ० काहै ३रे भ. के कल्या० ४ च० ज० दि. ज्ञा० भएहैं। यहांसे पोछे कायमगन प्रायके रेलपै बैठके हाथरस जाना। मौ० ८३ मा० ॥) ->००><- - २७ हाथरस जंक्शन टेशन उतरना सहरहै। ध० म० भ० काहै यहांसे रेलको कैलैन है दूसरोरेल में टुंडले होके आगरे जाना। ३० ) २८ टुंडला जंक्शन टेशनसे के रेलको लैनहै यहां उतरना ॥ यहां से दूसरौ रेलमें बैठकर आगरे जाना। मौल १५ मासूल ।) २८ आगरा जंक्शन टेशन सहरके पास है उतरना रोसनमहला नमको मंडी मोतीकटरा बगौचे वगैरामें म० भ० के कैहै। यहांसे रेल बहोत जगे गई है भरतपुरजयपुर मथुरा लसकर गुवालोयर वगैरा १-२८ लसकर सहरहै सराफे बजारमें गुवालीयरके कोलेमें वगीचेमें मं० भ० के ध० है। यहांसे खुसको रस्ते सोरीपुरजौको० १८ है २-२८ भरतपुर सहर है धर्मशाला मंदिर भगवानका है। ३-२८ मथुरा सहर है धर्मशाला मन्दिर भगवान का है। यहांसे रेल पर बैठकर पौछ सकुराबाद जाना । मौ० २३ मा० ।) ३० सकुराबाद टेशन उतरना वहांसे खुसकी रस्ते को० ६ बटेशर सोरीपुरहै सड़क है सवारी बैलगाडीको मिलती है। १-३० श्रीसोरीपुरनगर तीर्थ शास्त्र में कहा है अब दोनों नामसे Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.035250
Book TitleSarv Tirtho Ki Vyavastha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShitalprasad Chhajed
PublisherShitalprasad Chhajed
Publication Year1893
Total Pages42
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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