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________________ संख्या १] सम्पादकीय नोट सभापति बनाये गये। सन् १९२१ में आपका जी० सी० १९२८ में आप प्रौद्योगिक केन्द्रों का निरीक्षण करते वी० श्रो० की पदवी दी गई। इसी साल की जनवरी में रहे तथा उस स्टेट कौंसिल में भी काम किया जो बादशाह [सम्राट जार्ज (छठे)] [सम्राज्ञी एलिज़ाबेथ] श्राप राजकीय नौ-सेना के सेनापति के पद पर प्रतिष्ठित की बीमारी के कारण १९२८ में नियुक्त हुई थी। श्राप किये गये। १९२२ में आप ई० यार्कस रेजीमेंट के कर्नल १९२९ के मार्च में स्काटलैंड के चर्च के हाई कमिश्नर हुए। नियुक्त किये गये । १९३० में अापकी दूसरी पुत्री का जन्म __ सन् १९२३ की जनवरी में आपकी स्ट्राथमोर के अल हुअा। १९३१ की जुलाई में पेरिस-औपनिवेशिक-प्रदर्शनी की पुत्री लेडी एलिज़ाबेथ बोवेस-लाइयन से सगाई हुई देखने गये । १९३२ की ३ जून को श्राप रियर एडमिरल और उसी साल वेस्ट-मिनिस्टर एबे में आपका २६ अप्रेल बनाये गये । १९३२ के दिसम्बर में आप मेजर-जनरल को विवाह हो गया। १९२५ में आप अफ्रीका भ्रमणार्थ और एयर वाइस मार्शल स्काट्स गाड्स के कर्नल बनाये गये। १९२५ की प्रसिद्ध वेम्बले-प्रदर्शनी के श्राप सभापति गये । १९३४ में आपने सार्वजनिक कार्यों में बड़ी दिलहए। १९२६ की २१ अप्रेल को अापके एक पुत्री हई। चस्पी दिखाई। राजकुमारी का नाम एलिज़ाबेथ अलेक्जेंड्रा मेरी रक्खा अब आप अपने जेठे भाई के राज्यत्याग करने पर गया। १९२६ के दिसम्बर में आप जी० सी० एम० जी० ब्रिटिश साम्राज्य के सम्राट घोषित किये गये हैं । इस समय बनाये गये। १९२७ की जनवरी में आप सपत्नीक आस्ट्रेलिया आप ४१ वर्ष के हैं। हम यहाँ आपके दीर्घजीवी होने की नई राजधानी कनबेर्रा देखने को आस्ट्रेलिया गये और की कामना प्रकट करते हैं और चाहते हैं कि आपका भी ९ मई को वहाँ के पार्लियामेंट-भवन का उद्घाटन किया। शासन-काल आपके स्वर्गीय पिता जैसा ही गौरवशाली हो । इसी वर्ष जुलाई में आपकी पत्नी को जी० बी० ई० की पदवी दी गई। Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.035249
Book TitleSaraswati 1937 01 to 06
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDevidutta Shukla, Shreenath Sinh
PublisherIndian Press Limited
Publication Year1937
Total Pages640
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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