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सौ० सविताबाई कापड़िया स्मारक प्रन्थमाला नं०
॥ ॐ नमः सिद्धेभ्यः ॥
संक्षिप्त जैन इतिहास ।
भाग ३ - खण्ड १
[दक्षिणभारतके जैनधर्मका इतिहास ।]
विभाग
१. पौराणिक काल
२. ऐतिहासिक काल:
१- प्राचीन काल ( ई०पू० ९००० से १ ई०पू० ) २- मध्य काल ( सन्ः १ से १४०० ई० ) ३- अर्वाचीन काल ( उपरान्त )!
लेखक:कामताप्रसाद जैन, एम. आर. ए. एस. सम्पादक- वीर व जैन सि० भास्कर, अलीगंज (एटा)
प्रकाशक:
मूलचन्द किसनदास कापड़िया, मालिक, दिगंबर जैन पुस्तकालय कापड़ियाभवन-सूरत ।
स्वर्गीय सो० सविताबाई, धर्मपत्नी, मूलचंद किसनशस कापडिया स्मरणार्थ " दिगम्बर जैन " के
३० वे वर्षके ग्राहकों को भेट |
प्रथमावृत्ति ]
वीर सं० २४६३
मूल्य - रू० १-०-0.
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[ प्रति १०००
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