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________________ (१९) मैमशो०-अशोक मैकफैल कृत ( H. L.S.). मैबु० मैन्युल आफ बुद्धिज्म- स्पेनहार्डी)। रमा० रत्नकरण्ड श्रावकाचार सं०प० जुगलकिशोरजी (बम्बई)। राइ० राजपूतानेका इतिहास भाग १-१० ब० पं० गोरीशंकर हीराचंद ओझा । रिइ० रिलिजम ऑफ दी इम्पायर-( लन्दन )। लामाम०=लाइफ आफ महावीर ला० माणिकचंद्रजी (इलाहाबाद)। लाभाइ०=भारतवर्षका इतिहास ला० लाजपतराय कृत (लाहौर)। लाम० लार्ड महावीर एण्ड अधर टीचस आफ हिज टाइम-कामताप्रसाद (दिल्ली)। लावबु०-लाइफ एण्ड वस आफ बुद्ध घोष-डॉ० विमलाचरण लॉ० (कलकत्ता)। वृजेश०-बृहद् जैन शब्दार्णव-पं० बिहारीलालजी चैतन्य । विर० विद्वद् रत्नमाला-पं० नाथूरामजी प्रेमी ( बंबई )। अव० श्रवणबेलगोला, रा० ब० प्रो० नरसिंहाचार एम० ए० (मद्रास)। श्रेच श्रेणिक चरित्र (सुरत)। सनामिवा० सर आशुतोष मेमोरियल वॉल्यूम (पटना)। सकौ० सम्यक्तत्र कौमुदी (बंबई)। सजै०=सनातन जैन धर्म-अनु०-कामताप्रसाद ( कलकत्ता)। संजैह० संक्षिप्त जैन इतिहास प्र म भाग कामताप्रसाद (सूरत)। सडिजै०=सम डिस्टिन्गुइस्ड जैन्स उमरावसिंह टांक (आगरा)। संप्राजैस्मा० संयुक्त प्रन्तके प्र चीन जैन स्मारक-ब्र० शीतल। Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.035244
Book TitleSankshipta Jain Itihas Part 02 Khand 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKamtaprasad Jain
PublisherMulchand Kisandas Kapadia
Publication Year1934
Total Pages204
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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