SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 69
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ( ७१ ) के प्रथम कृष्ण पक्ष में १२ तिथि से पर्युषण करने क्यों मानते हो ? अथवा उस प्रथम अधिक कृष्ण पक्ष के १५ दिन या ४ दिन पर्युषण के गिनती में मानते हो या नहीं ? १५ [ प्रश्न ] गुजराती पिने के अनुसार प्रथम भाद्रपद मास को गिनती में नहीं मानते हो और गुजराती प्रथम भाद्रपद अधिक कृष्ण पक्ष में १२ तिथि से पर्युषण करते हो तो उन ४ दिनों को वा उस अधिक पक्ष के १५ दिनों को गिनती में मानते हो या नहीं ? १६ [ प्रश्न ] गुजराती टिप्पने के अनुसार प्रथम भाद्रपद मास को गिनती में नहीं मानते हो और गुजराती प्रथम भाद्रपद मास के प्रथम शुक्ल ( सुदी ) पक्ष में एक्कम तिथि से ३५ दिन उपवास एवं ५ मी तिथि से एक मास क्षमण ( ३० दिन उपवास ) तथा गुजराती प्रथम भाद्र वदी ५ मी तिथि से १५ दिन उपवास और वदी १२ तिथि से पर्युषण अठ्ठाई ( ८ दिन उपवास ) करते हो तो उस गुजराती प्रथम भाद्रपद अधिकमास के उन ३० दिनों को वा २५ दिनों को या १० दिनों को वा ४ दिनों को गिनती में मानते हो या नहीं ? १७ [ प्रश्न ] गुजराती प्रथम श्रावण सुदी ५ से दो मास क्षमण ( ६० दिन उपवास ) तथा गुजराती प्रथम श्रावण बदी ५ से डेढ़ मास क्षमण ( ४५ दिन उपवास ) करते हो तो उन दिनों को गिनती में मानते हो या नहीं ? १८ [ प्रश्न ] अधिक मास की १२ पर्वतिथियों को वा ३० तिथियों को व्रत नियमादि पालने मानते हो तो उन १२ पर्वतिथियों को वा ३० तिथियों को आप लोग गिनती में क्यों नहीं मानते हो ? Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.035214
Book TitlePrashnottar Vichar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorUnknown
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages112
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size11 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy