SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 13
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ०२५ 345 ... ८५७ मूलाका: ८६८ + ११४ मूलांक:: | विषय: पृष्ठांक | शतक - २४ ८३५ | उद्देशक: ०१ नैरयिक ०२५ ८४३ | उद्देशक: ०२ परिमाण ०५१ ८४४ | उद्देशक: ०३-११नागादिकुमारा | ०५७ ८४६ | उद्देशक: १२-१६ पृथ्व्यादि। ०६१ ८५३ | उद्देशक: १७-२० बेईन्द्रियादि ०८२ उद्देशक: २१-२४ मनुष्यादि शतक - २५ ११९ उद्देशका: १-१२ लेश्या, द्रव्य, | संस्थान, युग्म,पर्यव, निर्गन्थ संयत, ओघ, भव्य, अभव्य, सम्यग्दृष्टि, मिथ्यादृष्टि शतक - २६ ९७५ उद्देशका: १-११ जीव, लेश्या, રાકર पखिय, दृष्टि, अज्ञान, ज्ञान, संज्ञा,वेद,कषाय,उपयोग,योग शतक - २७ २९१ | उद्देशका: १-११ जीव आदि-- ___जाव २६ शतक भगवती (अङ्ग)सूत्रस्य विषयानुक्रम मुलांक: | विषयः पृष्ठांक: | शतक - २८ २९२ ९९२ | उद्देशका: १-११ जीव आदि- | २९२ जाव २६ शतक | शतक - २९ २९५ ९९५ | उद्देशका: १-११ जीव आदि-- २९५ जाव २६ शतक शतकं-३० २९९ ९९८ उद्देशका: १-११ समवसरण, २९९ लेश्या आदि | शतक - ३१ ३११ १००३ | उद्देशका: १-२८ युग्म, नरक, | ३११ उपपात आदि विषयका: शतकं - ३२ ३१७ | उद्देशका: १-२८ नारक्स्य --- ३१७ | उद्वर्तन, उपपात, लेश्यादि | शतकं - ३३ ३१८ १०१८ | एकेन्द्रिय शतकानि-१२ ३१८ शतकं - ३४ ३२४ १०३३ | एकेन्द्रिय शतकानि-१२ ३२४ दीप-अनुक्रमा: १०८७ मलाक: विषय: पृष्ठाक: शतकं - ३५ ३४४ १०४४ । एकेन्द्रिय शतकानि-१२ | शतकं - ३६ | बेन्द्रिय शतकानि-१२ | शतकं - ३७ १०६१ | त्रिन्द्रिय शतक शतकं - ३८ १०६२ चतुरिन्द्रिय शतक शतकं - ३९ असंज्ञीपंचेन्द्रिय शतकानि शतकं-४० ३५९ १०६४ संजीपंचेन्द्रिय शतकानि शतकं - ४१ १०६८ से | उद्देशका: १-१९६ राशियुग्म, | ---१०७९ | व्योजराशि, दवापरयुग्मराशि कल्योजराशि इत्यादि १०६३ ९९१ २९१ 3७३--- | १०८० से | उपसंहार गाथा ---१०८६ | परिसमाप्त: -3 पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण संकलित..आगमसूत्र- [०५], अंगसूत्र- [०५] "भगवती मूलं एवं अभयदेवसूरि-रचिता वृत्ति: ~13
SR No.035011
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 1 Part 11 Bhagavati Mool evam Vrutti Part 4
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherVardhaman Jain Agam Mandir Samstha Palitana
Publication Year2017
Total Pages384
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_bhagwati
File Size83 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy