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________________ आगम (०१) [भाग-2] “आचार"मूलं "-अंगसूत्र-१ (मूलं+नियुक्ति:+वृत्ति:) श्रुतस्कंध [२.], चुडा [३], अध्ययन [-], उद्देशक [-], मूलं [१७६], नियुक्ति: [३४१] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित मुनि दीपरत्नसागरेण पुन: संकलित..आगमसूत्र-[१], अंग सूत्र-[१] “आचार" "मूलं एवं शिलांकाचार्य-कृत् वृत्ति: प्रत सूत्रांक [१७६] दीप अनुक्रम [५१०] समणे भगवं महावीरे इमाए ओसप्पिणीए सुसमसुसमाए समाए वीइकताए सुसमाए समाए पीइकताए सुसमदुस्समाए समाए पीइकताए दूसमसुसमाए समाए बहु विकताए पन्नहत्तरीए वासेहिं मासेहि य अद्धनवमेहि सेसेहिं जे से गिम्हाणं घनत्थे मासे अहमे पक्खे आसाढसुद्धे तस्स णं आसाढसुद्धस्स छट्ठीपक्खेण हत्युत्तराहिं नक्खत्तेणं जोगमुवागएणं महाविजयसिद्धत्वपुएफुत्तरवरपुंडरीयदिसासोवत्थियवद्धमाणाओ महाविमाणाओ वीसं सागरोवमाई आउय पालइचा आजक्खएण ठिइक्खएणं भवरखएणं चुए चइत्ता इह खलु जंबुद्दीवे णं दीवे भारहे वासे दाहिणभरहे दाहिणमाहणकुंडपुरसंनिवेसंमि उसभइत्तरस माहणस्स कोडालसगोत्तस्स देवाणंदाए माहणीए जालंधरस्स गुत्ताए सीहुम्भवभूएणं अप्पाणेणं कुञ्छिसि गर्भ वर्कते, समणे भगवं महावीरे तिन्नाणोवगए याबि हुत्था, चहस्सामित्ति जाणइ एमित्ति जाणइ चयमाणे न याणेइ, सुहुमेणं से काले पत्नत्ते, तो णं समणे भगवं महावीरे हियाणुकंपएणं देवेणं जीयमेयतिकटू जे से वासाणं तचे मासे पंचमे पक्खे आसोयबहुले तस्स णं आसोयबाहुलस्स तेरसीपक्खेणं हत्थुत्तराहि नक्षत्तेणं जोगमुवागएणं वासीहिं राइदिएहि बइफ्तेहिं तेसीइमस्स राइदियस्स परियाए व?माणे दाहिणमाणकुंडपुरसंनिवेसामओ उत्तरखत्तियकुंडपुरसंनिवेससि नायाण खत्तियाण सिद्धत्वरस खत्तियस्स कासवगुत्तस्स तिसलाए खत्तियाणीए पासिट्ठसगुत्ताए असुभाणं पुग्गलाणं अवहार करिता सुभाणं पुमंगलाणं पक्खेवं करित्ता कुञ्छिसि गम्भ साहरद, जेवि य से तिसलाए खत्तियाणीप कुञ्छिसि गमे तंपि य दाहिणमाहणकुंडपुरसंनिवेसंलि उस० को० देवा जालंधरायणगुत्ताए कुरिछसि गम्भ साहरद, समणे भगवं महावीरे तिन्नाणोवगए यावि होत्था-साहरिजिस्सामित्ति जाणइ साहरिजमाणे न यागइ साह भा.सू.७१ ~5564
SR No.035002
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 1 Part 02 Aachaar Mool evam Vrutti Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherVardhaman Jain Agam Mandir Samstha Palitana
Publication Year2017
Total Pages586
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_acharang
File Size117 MB
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