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________________ विशाल भारत के इतिहास पर स्थूल दृष्टि १५६ हैं। उसकी अन्य जीवन-घटनाएँ तथा नाम भी अनेक हैं। किसी किसी नोटक (लाकोन) में सिकंडी को अर्जुन की एक स्त्रो दिखलाया गया है। उसके दो बेटों का विवाह कृष्ण की दो पुत्रियों के साथ हुआ है । और अर्जुन की पुत्रो सुगातवती का विवाह कृष्ण के पुत्र संबा के साथ हुआ है। अर्जुन और कृष्ण के ये तथा अन्य वंशज ही जावा के कतिपय राजवंशों के संस्थापक माने जाते हैं। युधिष्ठिर ( Punt-Deva ), वृकोदर (Werekodara), भीम ( Brat Sena ), देवी प्ररिंबी ( Dewi Arimbi ) और उसका बेटा घटोत्कच, दुर्योधन (जो दशमुखावतार है) (Sujudana) ये सब नाम जावा के मुसलमान लोगों में खूब प्रचलित हैं। ऐसे रिवाज भी पड़ गए हैं जिनके अनुसार गृहस्थों में विशेष विशेष अवसरों पर खेले जाने के लिये विशेष विशेष प्रकार के "लाकोन' अर्थात् नाटक निश्चित हैं।' (१) "माडर्न रिन्यू" के दिसंबर सन् २६ के अंक से डा० विजनराज चटर्जी के "The Mahabharata and the Wayang in Java" नामक लेख के माधार पर । Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034972
Book TitleNagri Pracharini Patrika Part 11
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGaurishankar Hirashankar Oza
PublisherNagri Pracharini Sabha
Publication Year1931
Total Pages124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size9 MB
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