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________________ ( ३६ ) ६ कालिकादेवी, ७ केदारनाथ, ८ कांबी वाव, ९ ककुआ तलाव, १० कलर वाव, १९ केदारिया ब्राह्मण, १२ कनकावली वेश्या, १३ कृष्णमंदिर, और १४ केशरियानाथ । इन १४ ककारों में से इस समय १ कालिकादेवी, २ काँबी वाव, ३ केदारनाथ, ४ ककुआ तलाव, ५ कलर वाव, ६ कृष्णमंदिर और ७ केशरियानाथ; ये ७ ककार यहाँ मौजूद हैं । कृष्ण - मंदिर ब्रह्मपुरी, या कोरटा गाँव के बीच में, कालिका माता और ककुआ तालाव गाँव से लगते हो दक्षिण में हैं, काँबीवाब और केदारनाथ कोरटा से पूर्व-दक्षिण कोण में आधा माइल दूर है, कलरवाव धोलागढ और बांमणेरा के बीच हैं जो लुप्तप्राय हैं । केशरियानाथ का मन्दिर तो इस समय यहाँ पर नहीं है, लेकिन केशरियानाथ की पुरानी सर्वाङ्ग सुन्दर प्रतिमा: नवीन जिन-मन्दिर में विराजमान है । यहाँ एक यह भी किंवदन्ती प्रचलित है www.umaragyanbhandar.com Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat
SR No.034926
Book TitleKortaji Tirth ka Itihas Sachitra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorYatindravijay
PublisherSankalchand Kisnaji
Publication Year1930
Total Pages138
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size20 MB
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