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________________ ३८ बातें लिखी हैं ? यदि हिम्मत हो तो भला एकाद पुष्ठ प्रमाण दे अपने कलंक का परिमार्जन करो । इत्यलम् X X X दीवार नंबर ७ कइ खरतर लोग कहा करते है कि दादा जिनदत्तसूरिने ५२ वीर और ६४ योगिनीयों को वश में करली थी । इत्यादि । समीक्षा: - इस कथन में क्या प्रमाण हैं? कुछ नहीं । भले जिनदत्तसुरिने ५२ वीर और ६४ योगिनियों को वश में कर शासन का क्या कार्य करवाया ? जिस समय मुसलमान लोग जैन मन्दिर - मूर्तियां तोड़ रहे थे उस समय वे ५२ वीर और ६४ योगिनिएं किस गुफा में गुप्त रहकर दादाजी की सेवा कर रहे थे ? । T शायद जिनदत्तसूरि और जिनशेखरसूरि इन दोनों गुरु भाईयों में जब आचार्य पदवी के लिए बड़ा भारी क्लेश चल रहा था तब जिनदत्तसूरि के पक्ष में ५२ वीर - लडाकु पुरुष और ६४ औरतों लड़ती होगी ! बाद में पीछे के लोगोंने उन ५२ लड़वईयों को वीर और ६४ औरतों को योगिनीएं लिख दी हों तो यह बात ठीक संभव हो सकती है । यदि ऐसा न हो तो खरतरों का कर्त्तव्य है कि वे जिनदत्तसूरि के समसामायिक किसी प्रामाणिक ग्रंथ का प्रमाण जनता के सामने रख, अपनी बात को सिद्ध कर बतलावे | याद रहे यह वीसवों शताब्दी है । असभ्य शब्दों Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034924
Book TitleKhartaro ke Hawai Killo ki Diware
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherRatna Prabhakar Gyan Pushpamala
Publication Year1937
Total Pages68
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size8 MB
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