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________________ Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com नं० प्राचीन नाम तीर्थ का प्रकार २४ बाबानगर २५. बेलगांव २६ विघ्नहरपार्श्वनाथ २७ पार्श्वनाथ श्रमीजरा २८ होनसलगी श्रीक्षेत्र २६ कोपण " "" " "" 99 59 वर्तमान नाम व जिला बाबानगर (बीजापुर ) बेलगांव महुवा (सूरत) बड़ाली (गुजरात) होन सलगी (निजाम ) कोपल (निजाम ) कहां से जाया जाता " बीजापुर बेलगांव S. M R सूरत B. B.C.I.R. " ईडर रोड सावलजी GIP. M. S. M. Rly. मद्रास प्रान्त दिगम्बर जैनों का प्रमुख आवास रहा है। श्रुतकेवली भद्रबाहुस्वामी ने सम्राट् चन्द्रगुप्त मौर्य को द्वादश-स्वपनों का फल बताते हुए कहा था कि इस कलिकाल में दिगम्बर जैन धर्म दक्षिण प्रान्त में ही उन्नतशील रहेगा। वास्तव में हुआ भी ऐसा ही है । भद्रबाहु स्वामी के बहुत पहले से जैन धर्म इस प्रान्त में पहुँच चुका था । आदि तीर्थङ्कर ऋषभदेव का विहार यहां हुआ था । और उनके पुत्र बाहुबलिजी का राज्य भी इस ओर रहा था। भगवान् नेमिनाथजी के कल्याणकारी बिहार का वर्णन 'हरिवंश पुराण' में मिलता है । उपरान्त प्राचीन चेर-चोल पाण्ड्य राजागण भी जैन धर्मानुयायी थे । मध्यकाल में कादम्ब, गंग, ( २८ )
SR No.034882
Book TitleJain Tirth aur Unki Yatra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKamtaprasad Jain
PublisherDigambar Jain Parishad Publishing House
Publication Year1946
Total Pages166
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size9 MB
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