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________________ O मारवाड़ की महत्त्वपूर्ण एक आदर्श संस्था. " श्रीरत्नप्रभाकरज्ञानपुष्पमाला" । फलोदी ( मारवाड़) मारवाड़ भर में यह एक ही संस्था है कि जिसने स्वल्प समय में छोटे-बडे १४३ प्रन्थ की करीबन ३००००० प्रतिऐं छपवा के देश के चारों ओर ज्ञानप्रचार की धूम मचा दी है। इस संस्था की पुस्तके जितनी बोधदायिक उपयोगी है उतनी ही सस्ती है । सूचिपत्र मंगवा के पढिये और शीघ्र ओर्डर भेजवाइये । मारवाड़ का महान् प्रभाविक तीर्थ श्रीकापरदाजी (मारवाड़) भारत की विभूति और प्राचीन शिल्पकला का नमूना-चार मंजल चौमुखजी का विशाल भीमकाय महान् चमत्कारी भाम से ९५ फीट उचा परमदर्शनीय अपने दंग का यह एक ही मन्दिर हैं वि०। यहाँ पर हाल दो वर्षों से एक जैन बोडींग के साथ श्रीपार्श्वनाथ जैन विद्यालय स्थापित हुआ है, अतएव प्रार्थना हैं कि यात्रार्थ अवश्य पधार कर तीर्थयात्रा और विद्यालय का निरीक्षणादि अनेक नाम हासन करावें । मेनेजर-श्रीस्वयंभू पार्श्वनाथ जैन विद्यालय. 5 तीर्थ श्री कापरड़ाजी, पोष्ट पीपाड़ सीटी (मारवाड़) Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034844
Book TitleHemchandracharya
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMotichand Girdharlal Kapadia
PublisherMotichand Girdharlal Kapadia
Publication Year1934
Total Pages254
LanguageGujarati
ClassificationBook_Gujarati
File Size14 MB
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