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________________ [ ५८ ] लेखों का उतारा लिया है जिसमें एकतो - मारवाड देशमें " बाडमेर " गांव के ताबे 'हाथमोनीनामक गामसे थोडी दूरी पर " केराडु " गाम है, जोकि - बाडमेर - सें थोडेसे कोसके फांसले पर है वहां जीर्ण मंदि - ' रोके और घरों के खंडेरा में से अनेक शिलालेख मिलते हैं मंदिर के एक थंभे पर संवत् १२०९ माघ कृश्न चतुर्दशी - शनिवार का लिखा कुमारपाल के समयका लेख मिला है " उसने कुमारपाल के सत्ता समयमे अभय दान दिलानेका अधिकार है जो किअष्टमी - एकादशी - चतुर्दशी इन ३ दिनोके वास्ते ३ गामेमें अमारी फैलानेका सूचक है लेख लंबा होनेसें यहां अक्षर अक्षरका उतारा न करके सूचना मात्र दी गई है । C जोधपुर के राज्यान्तर्गत ' रत्नपुर ' कोइ कसवा है उस गामकी पश्चिम दिशा में शिव मंदिरके घुमटमें एक शिला लेख है " उसमे " समस्त राजविराजित - महाराजाधिराज - परम भट्टारक - परमे - श्वर निज भुज विक्रम रणांगण विनिर्जित........... Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Unwaway.Soratagyanbhandar.com
SR No.034829
Book TitleGirnar Galp
Original Sutra AuthorN/A
AuthorLalitvijay
PublisherHansvijayji Free Jain Library
Publication Year1921
Total Pages140
LanguageSanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size7 MB
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