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________________ - - - - - - - -- - - ----- ... १८] घंटाकण कल्प - -- - - - सामग्री विचार आसन पर बैठकर दीपक ग्थापना के -- दाहिनी ओर रखना जिम में व्यास वान यह है कि दीये की ज्योति स्थापना में जो घंटाका देव का चित्र हो उम के आंख के बगर उंची रहना चाहिये, धूप-अगरबत्नी स्थापना के बायीं ओर रखना, आप के लिए ऐसी व्यवस्था रखना कि जलता हुवा रहे, धूप के कार्य को कोई सहायक पुरुप संभालता रहे तो अच्छा है, यदि सहायक पुस्प नहीं हो तो खुद सम्भाल ले परन्तु ध्यान न विगड जाय इसका पूरा ध्यान रखे, धूप की व्यवस्था वरावा न जमती हो तो प्रारमनी जलाना और विशेष संख्या में जलाना सोप की बटा जितना काम दे सके, दीये की ज्योत अच्छी प्रकाश वाली रहनी चाहिये, और दीप में घी पूग भर देना चाहिए ताकि जाप करते समय में कम न हो जाय । स्थापना विचार जाप करने वाला पूर्व दिशा की - तरफ मुख करके बैठे सामने बाजोट रखे-बाजोट एक पाटिये का मिल जाय तो अच्छा है, लेकिन कांटे वाले वृक्ष से निकाला हुवा पाटिया नहीं होना चाहिए, यदि चांदी का, जर्मन सिलवर का, या पीतल का बाजोट मिल जाय तो और भी अच्छा है, बाजोट Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034826
Book TitleGhantakarn Kalp
Original Sutra AuthorN/A
AuthorChandanmal Nagori
PublisherChandanmal Nagori Jain Pustakalay
Publication Year
Total Pages72
LanguageSanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size26 MB
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