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इय सुयहीलणुप्पाय - फलं फला जाणिऊण अन्नेवि । नसभद्दे जिणवयणे, दढचित्ता होई पर दियहं ॥
ए श्रुत हीलनाना उत्पातनुं फलाफलने जाणीने यश अने कल्याणने आपनार जिनेश्वरना वचनमां बीजाओ पण हमेशां दृढ चितवाला थाओ - आ छेली गाथामां आ सूत्रना प्रतिपादक श्री यशोभद्रसूरिजीनुं नाम पण जणावी दीधुं.
इति वकचूलिया सूत्र सारांश संपूर्ण
नोट - विस्तारथी संपूर्ण हकीकत जाणवानी इच्छाबोलाए बँकचूलिया सूत्र देखवुं या सांभलवु,
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