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________________ ( १८ ) २ बीकानेर से भटिंडा लाइन पर (१) लूणकरनसर-सुपार्श्वनाथजी का मन्दिर और दादा गुरुचरण हैं । (२) कालू-लूणकरणसर, १२ मील से बस सर्विस है । यहां चन्दाप्रभुजी का मन्दिर और दादा गुरुचरण हैं । ३) गारबदेसर-कालू से कुछ दूर-इस गांव में मुरलीमनोहरजी के मन्दिर में एक जैन प्रतिमा है । (४) महाजन-चन्दाप्रभुजी का मन्दिर और गुरु चरण हैं । (५) सूरतगढ़-पार्श्वनाथजी का मन्दिर । (३) हनूमानगढ़-यहां किल्ले में मुनि सुत्रतस्वामी का मन्दिर है। ३ बीकानेर नागोर रेल्वे लाइन पर (१) देशनोक-स्टेशन के पास दादाबाड़ी और भूरों और आंचलियों के बास में शान्तिनाथजी और संभवनाथजी एवं लोंका उपाश्रय में केसरियानाथजी का मंदिर है । (२) नोखामंडी पार्श्वनाथजी का मन्दिर है । (३) पांच-देशनोक से २० मील, यहाँ पार्श्वनाथजी का मन्दिर है। ४ बीकानेर कोलायत रेल्वे लाइन पर (१) कोलायत से छः मील दूर भज्जू में बेगाणी और सेठियों के बास में नेमीनाथजी के दो मन्दिर हैं। Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034781
Book TitleBikaner ke Darshaniya Jain Mandir
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAgarchand Nahta
PublisherDanmal Shankardan Nahta
Publication Year1956
Total Pages22
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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