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________________ wwwwwwwwwwwwwwwwwww. ( ५५ ) संरक्षकको कहां तक अधिकार है इसका विवेचन "संरक्षकका उत्तर दायित्व" शीर्षकमें होगा। (८) कानूनकी उत्पत्ति छह कारणोंसे होती है (क) रिवाज । . (ख) धर्म शास्त्रोंकी आज्ञा। । (ग) अदालतोंकी नजीरें। (घ) बैज्ञानिक विचार । (ङ) नीति । (च) राज विधि । कुछ कानून रिवाज पर प्रतिष्ठित है, कुछ धर्मशास्त्रोंके फरमान पर, कुछ नजीरों पर, कुछ साधारण नीति पर, कुछ कानून विषयक व्याख्याओं और वैज्ञानिक विचारों पर। इन सबका समन्वय कर के वर्तमान कालमें विधि बद्ध कानून (Legislation) बनते हैं । जिन पाँचोंके प्रतिष्ठानसे विद्धि बद्ध कानूनोंके करनेमें सहारा मिलना है उनमें से किसी एककी भी उपेक्षा करनेसे लोकमत उस कानूनको स्वीकार नहीं करता और लोकमत विरुद्ध होनेसे राजशक्ति उस कानूनका प्रयोग करनेमें अग्रसर नहीं हो सकती। उत्तर-यह बात ठीक है कि कानून बनाते समय उपरोक्त बातों पर विचार कर लेना चाहिये किन्तु यह आवश्यक नहीं है कि इनमें से किसीका विरोध होनेपर कानून न बनाया जाय । (क) ऐसे ही रिवाजका अभिनन्दन किया जाता है। जिससे समाज तथा देशका उत्थान हो । हानि कारक रिवाजोंको कुचरने Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034760
Book TitleBaldiksha Vivechan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorIndrachandra Shastri
PublisherChampalal Banthiya
Publication Year1944
Total Pages76
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size6 MB
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