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उपयोगी थइ शकशे,.......
............, डॉ० शाहे म्हारा पत्रनो मात्र एक ज फकरो ‘पुस्तक उपयोगी थशे' ए लइ लीधो अने बीजी बाबतो दबावी राखी, ज्यारे तेमनी ए नीतिनी म्हने खबर पडी तो तेमने लखी जणाव्यु के या तो म्हारा पूरेपूरा विचारो बाहर मूको नहिंतर आ छापेल फकरो पण काढी नाखो, ज्यारे ए विषयमां २-३ पत्रो आघां पाछां थया त्यारे तेओ म्हारा वचनवाळां पांच हजार हेंडबीलो रद करवा अथवा म्हारा विचारोनी फुटनोटमां नोंध लेवा जणाव्युं, म्हें नोंध लेवानी वात मंजूर राखी, पण तेमणे तेवी नोंध लीधी छे के नहिं ते हुं जाणतो नथी, केमके म्हें एमर्नु एक पण पुस्तक मंगावेल नथी अने आवा गांडपण भरेला पुस्तकोने मंगाववानी इच्छा पण नथी हुं आवी बाबतोने चर्चीने तेने महत्त्व आपवा जेवी प्रवृत्ति करवाने राजी पण नथी.
आपे जे वातो एमना विचारोना खंडनार्थे लखी छे ते योग्य छे एमां तो कंइ पण वांधा जेवू नथी ज..
मुनिकल्याणविजय. ता. २२-७-३६.
मु० वासा, पो. रोहिडा, आबूरोड) भावनगर स्टेट बारटन लायब्रेरी अने म्युझियमना आ. सेक्रेटरी तथा आल्फ्रेड हाइस्कूलना हेडमास्तर लखी जणावे छे के:-. .
श्री वीर विहार मीमांसा तथा अशोकना शिलालसोः उपर दृष्टिपात मने मळ्यां छे. आ भेटने माटे हुँ मापनी मी गावानों Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com